देश

‘वामपंथी विचारधारा की उपज…’, नक्सलवाद पर बोले अमित शाह; कांग्रेस से भी पूछे तीखे सवाल

Amit Shah On Naxalism In Lok Sabha: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने लोकसभा में कहा कि देश में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सरकार ने इस समस्या को खत्म करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं. खासतौर पर छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है.

वामपंथी विचारधारा पर हमला

अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद की जड़ वामपंथी विचारधारा है. उनके मुताबिक, इस विचारधारा का विकास से कोई संबंध नहीं है और यह सिर्फ हिंसा और अस्थिरता को बढ़ावा देती है. उन्होंने कहा कि सरकार इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है.

कांग्रेस पर उठाए सवाल

गृह मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पूछा कि उनके शासनकाल में नक्सल प्रभावित इलाकों में रहने वाले आदिवासियों तक विकास योजनाओं का लाभ क्यों नहीं पहुंचाया गया. उन्होंने कहा कि वर्षों तक इन क्षेत्रों के लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे.

रेड कॉरिडोर में बदलाव

अमित शाह ने बताया कि एक समय ‘रेड कॉरिडोर’ के नाम से जाने जाने वाले इलाके में 12 राज्य, देश का बड़ा भूभाग और करोड़ों लोग प्रभावित थे. लेकिन अब इन क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं. बस्तर में गांव-गांव तक सड़क, स्कूल, अस्पताल, राशन की दुकानें और अन्य सुविधाएं पहुंचाई गई हैं. लोगों के आधार और राशन कार्ड बनाए गए हैं, मुफ्त अनाज और गैस कनेक्शन भी दिए जा रहे हैं.

गृह मंत्री ने साफ कहा कि अब समय बदल गया है. जो लोग हथियार उठाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सरकार बातचीत और समाधान के लिए तैयार है, लेकिन हिंसा को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.


ये भी पढ़ें: ‘नक्सलवाद गरीबी से नहीं फैला, बल्कि…’; लोकसभा में बरसे गृह मंत्री अमित शाह


सुरक्षा बलों को दिया श्रेय

अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई का श्रेय सुरक्षा बलों को दिया. उन्होंने कहा कि CAPF, कोबरा बटालियन, राज्य पुलिस, खासकर छत्तीसगढ़ पुलिस और डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड के जवानों ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई है. उन्होंने इस लड़ाई में शहीद हुए जवानों और मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि भी दी.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

Recent Posts

उज्जैन में पत्थरबाजों की निकली हेकड़ी: दबोचे गए 20 उपद्रवी, मुंह छिपाते आए नजर

Ujjain Shahi Masjid controversy: उज्जैन शाही मस्जिद विवाद और पथराव के मामले में पुलिस ने…

10 minutes ago

निवेश से एक्सपोर्ट तक, कैसे यूपी बन रहा बिजनेस हब? जानें मंत्री नंद गोपाल नंदी की भूमिका

UP Investment Hub: उत्तर प्रदेश को निवेश और कारोबार का बड़ा केंद्र बनाने की कोशिशों…

18 minutes ago

यंग तुर्क की विरासत: कैसे बलिया की क्रांति आज भी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक मिजाज को गढ़ रही?

Chandra Shekhar Young Turk: बलिया के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को ‘यंग तुर्क’ कहा गया, लेकिन…

47 minutes ago

सनोज मिश्र सभी आरोपों से बरी, तीस हजारी कोर्ट ने दी क्लीन चिट; अब वसीम रिजवी का क्या?

फिल्म निर्देशक सनोज मिश्र को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले…

51 minutes ago

ग्रीन रिवोल्यूशन 2.0: कैसे सूर्य प्रताप शाही ने यूपी की कृषि अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाया

UP Agriculture में डिजिटल खेती, कृषि रिसर्च, प्राकृतिक खेती, सोलर पंप और बेहतर बाजार व्यवस्था…

1 hour ago

‘न पर्दा, न लाउडस्पीकर और न कोई ताम झाम!’ लालटेन की रोशनी में मंचन, यूनेस्को धरोहर ‘रामनगर रामलीला’ की अनकही कहानी

Ramnagar Ramlila: वाराणसी के रामनगर की रामलीला 220 साल से ज्यादा पुरानी जीवंत परंपरा है,…

1 hour ago