देश की आजादी, जल, जंगल, जमीन और आदिवासी हक की लड़ाई लड़ने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा (धरती आबा) की आज यानी 9 जून को पुण्यतिथि है. इस मौके पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. अमित शाह ने कहा कि जनजातीय स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा का जीवन हर देशवासी के लिए एक बड़ी प्रेरणा है.
अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया पर एक शेयर करते हुए बिरसा मुंडा के ऐतिहासिक योगदान को याद किया. उन्होंने कहा, ‘भगवान बिरसा मुंडा जी ने ‘उलगुलान आंदोलन’ के जरिए अंग्रेजी शासन के खिलाफ आजादी का बिगुल फूंका था. उन्होंने पूरे आदिवासी समाज को एकजुट किया और अपनी संस्कृति, अधिकारों व विरासत की रक्षा करना सिखाया.
जनजातीय स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना के अमर प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा जी ने ‘उलगुलान आंदोलन’ के माध्यम से अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आजादी का शंखनाद किया। उन्होंने आदिवासी समाज को अपने अधिकारों और विरासत की रक्षा के लिए संगठित किया तथा जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को… pic.twitter.com/NjbSAhfHJD
— Amit Shah (@AmitShah) June 9, 2026
अमित शाह ने आगे कहा कि जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने वाले धरती आबा का धर्मांतरण के खिलाफ संघर्ष और जनजातीय गौरव के लिए उनका समर्पण आज भी करोड़ों भारतीयों के दिलों में जिंदा है.’
1875 में जन्मे बिरसा मुंडा ने महज 25 साल के अपने छोटे से जीवन (1900 तक) में वो ऐतिहासिक काम कर दिखाए, जिसने उन्हें भगवान का दर्जा दिला दिया. उन्होंने तत्कालीन ब्रिटिश हुकूमत और क्रूर जमींदारी व्यवस्था के खिलाफ ‘विद्रोह’ का नेतृत्व किया था. उनका पूरा जीवन आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए समर्पित रहा. यही वजह है कि भारत सरकार हर साल 15 नवंबर को उनके जन्मदिन को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाती है, ताकि उनकी इस महान विरासत को आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रख सकें.
-भारत एक्सप्रेस
MP SUGAM PARIVAHAN SEVA LAUNCH: मध्य प्रदेश में सरकारी निगरानी वाली सुलभ और सुरक्षित यात्री…
ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में आग…
एडीआर ने नेशनल इलेक्शन वॉच के साथ लोकसभा, राज्यसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए निर्वाचित…
बिहार के लखीसराय में 60 साल के पिंकू सिंह ने 23 साल की वर्षा रानी…
सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों को मिलने वाली सुविधाओं में राज्यों के बीच…
बनारस को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, लेकिन इसी शहर की चिताओं के बीच…