देश

आशा भोसले के जाने से देशभर में शोक, अमित शाह बोले- हर सुर में बसती थीं वो

भारतीय संगीत जगत के लिए रविवार, 12 अप्रैल का दिन बेहद दुखद साबित हुआ. दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया. उनके निधन से न सिर्फ बॉलीवुड, बल्कि पूरी दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है. ‘आशा ताई’ के नाम से मशहूर इस महान कलाकार ने अपनी आवाज से करोड़ों लोगों के दिलों पर राज किया.

हर सुर में ढल जाने वाली आवाज

गृह मंत्री अमित शाह ने आशा भोसले पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि, “वें अपने लंबे करियर में हिंदी, मराठी, बांग्ला, तमिल, गुजराती समेत कई भाषाओं में गाने गाए. उनकी खासियत थी कि वे हर तरह के संगीत चाहे वह फिल्मी गीत हो, गजल, भजन या लोकगीत में खुद को बखूबी ढाल लेती थीं. उनकी मधुर और बहुमुखी आवाज ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया.”

अमित शाह ने जताया शोक

देश के गृह मंत्री अमित शाह ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि आज का दिन हर भारतीय, खासकर संगीत प्रेमियों के लिए बेहद दुखद है. उन्होंने आशा भोसले की आवाज को कोमल और उनके स्वभाव को बेहद सरल और आत्मीय बताया. शाह ने यह भी कहा कि उनसे जब भी मुलाकात होती थी, तो संगीत और कला पर लंबी चर्चा होती थी.

सादगी और आत्मीयता की मिसाल

गृम मंत्री ने आगे कहा कि, “आशा भोसले सिर्फ अपनी गायकी के लिए ही नहीं, बल्कि अपने सरल और विनम्र स्वभाव के लिए भी जानी जाती थीं. उनकी आवाज में जितनी मिठास थी, उनके व्यवहार में भी उतनी ही गर्मजोशी और अपनापन था. यही वजह थी कि वे हर वर्ग के लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय रहीं. ”

हमेशा याद रहेंगी ‘आशा ताई’

भले ही आशा भोसले आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज हमेशा अमर रहेगी. उन्होंने अपने गीतों के जरिए जो विरासत छोड़ी है, वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी. देशभर में उनके प्रशंसक और संगीत प्रेमी उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहे हैं.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

Recent Posts

रील देखने में भी बिहार बना नंबर-1! सबसे कम टेली-डेंसिटी, फिर भी डेटा उड़ाने में देश में टॉप

TRAI के सर्किलवार आंकड़ों के मुताबिक बिहार में रोजाना करीब 49.1 पेटाबाइट डेटा की खपत…

12 minutes ago

क्या भारत बन सकता है नया सिंगापुर? जानिए क्यों ली क्वान यू के मॉडल की नकल आसान नहीं

Singapore Economy History: 1965 में मलेशिया से अलग होकर स्वतंत्र हुए सिंगापुर को ली क्वान…

14 minutes ago

Aao School Chalen Abhiyan: दिल्ली में बिना कागजात बस्तियों के बच्चों का स्कूल में एडमिशन, ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागत

Aao School Chalen Abhiyan Delhi School Admission: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 'आओ स्कूल चलें' अभियान के…

30 minutes ago

CM विजय का नया फरमान या आजीविका पर वार? जानिए किस प्रोजेक्ट पर आमने-सामने आए मछुआरे

Pattinapakkam Fishermen Protest: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय द्वारा पट्टिनापक्कम में ₹1,200 करोड़ के सचिवालय निर्माण…

37 minutes ago