Ladakh News: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल डॉ. बी.डी. मिश्रा ने लद्दाख में आयुष्मान भव अभियान के राज्य स्तरीय लॉन्च कार्यक्रम की अध्यक्षता की. इस अभियान का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया. आयुष्मान अभियान सरकारी योजना को प्रत्येक देशवासी तक पहुंचाने के लिए शुरू किया गया है, ताकि अपेक्षित लाभार्थी तक स्वास्थ्य योजनाओं की डिलीवरी सुनिश्चित हो सके.
अधिकारियों ने कहा- इस व्यापक स्वास्थ्य देखभाल पहल का उद्देश्य पूरे भारत में स्वास्थ्य देखभाल पहुंच और जागरूकता बढ़ाना है और “हेल्दी विलेज्स” पर ध्यान केंद्रित करते हुए सतत विकास लक्ष्य 2030 के अनुरूप है. इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और सहायता को समाज के सभी वर्गों के लिए सुलभ बनाना और अच्छे स्वास्थ्य को मौलिक अधिकार के रूप में सुनिश्चित करना है.
उपराज्यपाल डॉ. बी.डी. मिश्रा ने अपने संबोधन में आयुष्मान भव कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के सर्वोपरि महत्व और अंग दान की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर जोर दिया. अपने ज्ञानवर्धक संबोधन में उन्होंने लद्दाख जैसे अद्वितीय और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र की भलाई और समृद्धि सुनिश्चित करने में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने स्थानीय आबादी की स्वास्थ्य देखभाल आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए, विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता पर प्रकाश डाला.
लद्दाख के प्रदेश सलाहकार डॉ. पवन कोटवाल ने लद्दाख में स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पित प्रयासों की सराहना की, जो चुनौतियों से लड़ने में सबसे आगे रहे हैं और उन्होंने उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त किया और क्षेत्र के स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए निरंतर समर्थन और संसाधनों का आग्रह किया. डॉ. पवन ने इस बात पर जोर दिया कि अंग दान अनगिनत लोगों की जान बचा सकता है और लद्दाख में स्वास्थ्य देखभाल के परिदृश्य को बदल सकता है. उन्होंने व्यक्तियों और परिवारों को अंग दाताओं के रूप में पंजीकरण करने पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया, इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के निर्णय का समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में, डॉ. पवन ने आधिकारिक तौर पर तपेदिक (टीबी) निदान वैन का शुभारंभ किया, जो एक अभिनव पहल है जिसका उद्देश्य टीबी निदान सेवाओं को जनता के करीब लाना है. नवीनतम तकनीक, विशेष रूप से कार्ट्रिज-आधारित न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (सीबीएनएएटी) से सुसज्जित टीबी डायग्नोसिस वैन, समय पर और सटीक टीबी निदान सेवाएं प्रदान करने के लिए विभिन्न समुदायों की यात्रा करेगी, यहां तक कि सबसे दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों तक भी पहुंचेगी. यह पहल तपेदिक से निपटने के लिए चल रहे प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, एक ऐसी बीमारी जो लाखों लोगों को प्रभावित करती रहती है.
लॉन्च समारोह ने एक व्यापक आउटरीच कार्यक्रम की शुरुआत को चिह्नित किया, जिसमें टीबी डायग्नोसिस वैन आने वाले महीनों में यूटी लद्दाख के विभिन्न स्थानों का दौरा करेगी. इस पहल से टीबी उन्मूलन और अपने नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार के क्षेत्र के प्रयासों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है. स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. मोटुप दोरजे ने आयुष्मान भव के लॉन्च में शामिल हुए सभी लोगों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया.
— भारत एक्सप्रेस
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