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2019 के बाद से लद्दाख में संवैधानिक सुरक्षा और अधिकारों की मांग तेज हो गई है. हाल ही में केंद्रीय प्रस्ताव के बाद, स्थानीय नेता लिखित ड्राफ्ट और स्पष्ट शक्तियों की मांग कर रहे हैं.

आजादी के बाद भारत का नक्शा कभी एक जैसा नहीं रहा. रियासतों के विलय से शुरू हुई यह यात्रा भाषाई आंदोलनों, क्षेत्रीय आकांक्षाओं और राजनीतिक फैसलों के साथ लगातार बदलती गई. 31 अगस्त 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम पारित हुआ.

लद्दाख के लोगों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने लद्दाख में ही जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट की बेंच स्थापित करने का फैसला किया है. अब न्याय के लिए जम्मू-श्रीनगर जाने की जरूरत नहीं होगी.

अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 5 अगस्त 2019 का फैसला जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास का ऐतिहासिक मोड़ साबित हुआ. उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों में दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है.

देश में होने वाली अगली जनगणना 2027 को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी और दुर्गम इलाकों के लिए 'जनसंख्या गणना' का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया गया है.

सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक को '3 इडियट्स' के फुंसुख वांगडू बताने वाले दावे फिर चर्चा में हैं. इस बीच उनके परिवार का पुराना कांग्रेसी कनेक्शन निकाल करके सामने आ रहा है. दरअसल उनके पिता सोनम वांग्याल वर्ष 1972 में लेह से कांग्रेस के विधायक थे और 1975 में जम्मू-कश्मीर सरकार में राज्यमंत्री भी रह चुके हैं.

Demchok LAC Patrolling: लद्दाख में LAC के बेहद संवेदनशील डेमचोक सेक्टर पहुंचे फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स के GOC लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे ने सेना की ऑपरेशनल और युद्धक तैयारियों का जायजा लिया. उन्होंने 13,500 फीट की ऊंचाई पर तैनात जवानों की सराहना करते हुए उन्हें हर वक्त सतर्क और ऑपरेशन के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए.

Ladakh Buddha Purnima: बुद्ध पूर्णिमा पर लद्दाख में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन का अवसर मिलेगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया और कहा कि अगले दो सप्ताह तक श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकेंगे.

Zojila Pass Avalanche: जोजिला पास पर हिमस्खलन होने से कई लोगों ने जान गंवाई, कई वाहन भी बर्फ में दब गए. बचाव कार्य जारी है. यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि पहाड़ी इलाकों में मौसम कितना अनिश्चित और खतरनाक हो सकता है.

गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की हिरासत को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया है.