Congress On Bengal Civic Polls 2026: इंडिया ब्लॉक की एकजुटता के लाख दावे किए जा रहे हों लेकिन जब बात राज्यों की जमीनी सियासत पर आती है तो यह एकता दरकती नजर आती है. पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी के लिए असहज स्थिति पैदा हो गई है. सात प्रमुख शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों में प्रदेश कांग्रेस ने किसी भी दल के साथ सीट बंटवारे से साफ इनकार कर दिया है.
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस न तो ममता बनर्जी के गुट के साथ जाएगी और न ही लेफ्ट मोर्चे के साथ कोई समझौता करेगी. टीएमसी की ओर से अनौपचारिक बातचीत के जो संकेत दिए गए थे, उन पर कांग्रेस नेतृत्व ने एकला चलो का ऐलान कर दिया है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने इस कड़े फैसले की वजह समझाते हुए कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ दल और प्रशासनिक मशीनरी के दबाव के चलते चुनाव महज औपचारिकता बनकर रह जाते हैं.
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शुभंकर सरकार के मुताबिक, अगर विपक्षी दल मिलकर लड़ते हैं और कई वार्डों में भाजपा अपने प्रभाव से जीत दर्ज करती है, तो भाजपा यह दावा करेगी कि उसने पूरे संयुक्त विपक्ष को हरा दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय निकाय चुनाव किसी भी तरह के राजनीतिक समझौते या नए प्रयोग के लिए उपयुक्त मंच नहीं हैं. कांग्रेस अपनी जमीन पर अपनी ताकत से ही लड़ेगी.
इस बार का शहरी निकाय चुनाव बेहद दिलचस्प और बहुकोणीय होने जा रहा है. कांग्रेस और माकपा दोनों अपनी पुरानी जमीन तलाशने के लिए स्वतंत्र रूप से ताल ठोक रहे हैं. ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला टीएमसी से अलग हुआ गुट भी बिना किसी समझौते के स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगा. तृणमूल छोड़कर नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) बनाने वाले 20 पूर्व सांसदों का गुट भाजपा नीत एनडीए के साथ सीट तालमेल बिठाने में जुटा है.
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दिल्ली के मंचों पर हाथ मिलाना जितना आसान दिखता है, बंगाल की गलियों और वार्डों में उस एकता को उतारना उतना ही मुश्किल साबित हो रहा है. ममता बनर्जी के लिए यह फैसला न केवल संगठनात्मक सिरदर्द बढ़ाएगा, बल्कि शहरी मतदाताओं के बीच विपक्ष के बिखराव का सीधा फायदा भाजपा को मिलने का रास्ता भी खोल सकता है. शुभंकर सरकार के इस दांव ने साबित कर दिया है कि राज्य कांग्रेस अब ममता बनर्जी की छाया से निकलकर अपनी अलग पहचान और वजूद की लड़ाई लड़ने के मूड में आ चुकी है.
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