बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. अब यह मामला सिर्फ एक गांव या परिवार तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि बड़े जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है. बुधवार को गांव के एक मंदिर परिसर में आयोजित महापंचायत और श्रद्धांजलि सभा में हजारों की संख्या में लोग जुटे. सभा में मौजूद लोगों ने भरत भूषण तिवारी के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई.
कार्यक्रम के दौरान माहौल काफी भावुक और आक्रोशपूर्ण नजर आया. लोगों का कहना था कि मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए. कई वक्ताओं ने मंच से राज्य सरकार और प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए. उनका आरोप था कि अब तक जो कार्रवाई हुई है, वह लोगों को संतुष्ट करने के लिए पर्याप्त नहीं है.
महापंचायत में जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर भी पहुंचे. उन्होंने पटना से बिलौटी गांव आकर भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मुलाकात की और उनके दुख में शामिल हुए. सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर भरत तिवारी को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा.
प्रशांत किशोर ने सवाल उठाया कि कोई भी पुलिसकर्मी बिना किसी उच्च स्तर के आदेश के गोली नहीं चला सकता है. उन्होंने कहा कि जांच का दायरा सिर्फ स्थानीय पुलिस अधिकारियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि कार्रवाई का आदेश किस स्तर से दिया गया था और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं.
उन्होंने कहा कि केवल किसी दारोगा या डीएसपी को निलंबित कर देने से न्याय नहीं हो जाता है. जनता को यह भरोसा होना चाहिए कि निष्पक्ष जांच हो रही है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. इसी मांग को लेकर उन्होंने सरकार को 15 दिनों का समय दिया और कहा कि इस अवधि के भीतर न्यायिक जांच की आधिकारिक घोषणा की जानी चाहिए.
प्रशांत किशोर ने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलनकारी पटना का रुख करेंगे और वहां सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा.
महापंचायत में भोजपुर के अलावा आसपास के कई जिलों से लोग पहुंचे. इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेश के कुछ ब्राह्मण समाज संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इससे साफ है कि यह मुद्दा अब क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर निकलकर व्यापक चर्चा का विषय बन चुका है.
सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि भरत भूषण तिवारी और उनके परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा. कुछ वक्ताओं ने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास का भी घेराव किया जाएगा.
बिलौटी गांव और आसपास के इलाकों में भरत भूषण तिवारी के पोस्टर बड़ी संख्या में लगाए गए हैं. इन पोस्टरों में उन्हें ‘शहीद’ बताते हुए न्याय की मांग की जा रही है. समर्थकों का कहना है कि भरत तिवारी जिन मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे थे, उन सवालों का जवाब सरकार को देना चाहिए.
-भारत एक्सप्रेस
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