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मुंगेर में गंगा नहाने गए बच्‍चे डूबे: एक ही परिवार की 4 बच्चियों समेत 5 बेटियां पानी में समाईं, दो शव बरामद, तलाशी जारी

MUNGER Ganga TRAGEDY: बिहार के मुंगेर जिले में गंगा स्नान के दौरान बड़ा हादसा हो गया. अलग-अलग घाटों पर वहां आधा दर्जन बच्चे पानी में डूब गए, अभी दो के शव बरामद हुए हैं और चार की तलाश जारी है.

Girls Drowning in Ganga Munger Bihar

बिहार के मुंगेर जिले से हृदयविदारक घटना सामने आई है. बुधवार को जिले के दो अलग-अलग गंगा घाटों पर स्नान करने के दौरान आधा दर्जन बच्चे गहरे पानी में डूब गए. इस दर्दनाक हादसे में अब तक एक युवती और एक किशोर का शव निकाला जा चुका है, जबकि चार अन्य बच्चियों की खोजबीन अभी भी जारी है. इस अप्रत्याशित घटना के बाद गंगा घाटों पर चीख-पुकार और कोहराम का माहौल बन गया है. परिजनों के रोने-बिलखने से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है.

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं. एसडीआरएफ (SDRF) की बोट पानी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है.

पूजा के लिए गंगा स्नान करने गई थीं पांच बच्चियां

पहली मुख्य घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले श्यामपुर बकचपड़ा गंगा घाट की है. जानकारी के मुताबिक, वासुदेवपुर थाना क्षेत्र की मोहली पंचायत (वार्ड संख्या 9) के रहने वाले क्रांति पासवान की चार बेटियां—18 वर्षीय संगीता कुमारी, 16 वर्षीय विनीता कुमारी, 14 वर्षीय संगीता कुमारी (छोटा नाम) और 12 वर्षीय सोनाली कुमारी, तथा उनके पड़ोस में रहने वाले चानो पासवान की बेटी हिना कुमारी एक साथ गंगा स्नान करने गई थीं.

मृतक बच्चियों की मां रानी देवी और जतना देवी ने रोते हुए बताया कि घर में एक धार्मिक पूजा का आयोजन होना था. इसी पूजा को लेकर सभी बच्चियां सुबह-सुबह गंगा स्नान के लिए बकचपड़ा घाट पहुंची थीं. नहाने के दौरान पैर फिसलने या अंदाजा न मिलने के कारण सभी बच्चियां अचानक गहरे पानी में चली गईं. इमेज image_88826d.jpg में बदहवास खड़े ग्रामीण और रोते-बिलखते परिजन इस बात की गवाही दे रहे हैं कि यह हादसा कितना बड़ा और झकझोर देने वाला है.

एक ही परिवार की चार बेटियां डूबीं, मां का बुरा हाल

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जब बच्चियां डूबने लगीं तो घाट पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की. इस कोशिश में तीन अन्य लोग भी पानी के तेज बहाव में डूबने लगे थे, जिन्हें स्थानीय गोताखोरों ने सूझबूझ दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया. लेकिन पांचों बच्चियां पानी की तेज धारा में समा गईं.

काफी घंटों की मशक्कत के बाद ग्रामीणों की मदद से क्रांति पासवान की एक बेटी संगीता कुमारी का शव पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. संगीता और हिना दोनों बीए पार्ट वन की छात्राएं थीं और बीआरएम कॉलेज में पढ़ाई करती थीं. संगीता की मां रानी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, वह बार-बार कह रही हैं कि उनकी चार बेटियां थीं और चारों की चारों गंगा में डूब गईं. अब घर में केवल दो लड़के और एक छोटी लड़की बची है.

छोटे भाई को बचाने के चक्कर में बड़ा भाई भी डूबा

वहीं, दूसरी दर्दनाक घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के ही आदर्श ग्राम टिकारामपुर गंगा घाट पर हुई. यहां सुबोध कुमार सिंह के दो बेटे गंगा में स्नान करने गए थे. नहाने के दौरान अचानक छोटा भाई गहरे पानी में जाकर डूबने लगा. छोटे भाई को मौत के मुंह में जाता देख बड़े भाई 16 वर्षीय पीयूष कुमार पटेल ने बिना सोचे-समझे उसे बचाने के लिए हाथ बढ़ाया. छोटे भाई को तो सुरक्षित किनारे की तरफ धकेल दिया गया, लेकिन इस कोशिश में पीयूष खुद गंगा की तेज धार में बह गया.

स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना डायल 112 की पुलिस टीम को दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गोताखोरों की मदद ली. घंटों की तलाश के बाद पीयूष को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पिता सुबोध कुमार सिंह ने बताया कि पीयूष नवमीं क्लास का छात्र था और इस हादसे ने उनका हंसता-खेलता परिवार उजाड़ दिया.

हादसे के बाद प्रशासनिक मुस्तैदी और मुआवजे की मांग

हादसे की भयावहता को देखते हुए मुफस्सिल थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह और वासुदेवपुर थानाध्यक्ष अजय कुमार भारी पुलिस बल के साथ दोनों घाटों पर कैंप कर रहे हैं. इसके साथ ही जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं. डूबी हुई बाकी चार बच्चियों (विनीता, संगीता, सोनाली और हिना) की तलाश के लिए एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों का संयुक्त सर्च ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है.

इस बीच, घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा के पूर्व विधायक प्रणव कुमार यादव, वार्ड सदस्य विकास चंद्र यादव और पूर्व वार्ड पार्षद विनय कुमार सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने पहुंचे.

पूर्व विधायक प्रणव कुमार यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवारों की स्थिति को देखते हुए उन्हें अविलंब उचित सरकारी मुआवजा और आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाए. नदी में बढ़े पानी के कारण प्रशासन ने स्थानीय लोगों से गहरे पानी में न जाने की अपील की है.



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