Bhopal Ghost Station Nishatpura: भोपाल जंक्शन से महज 2.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक ऐसा रेलवे स्टेशन जो बीते तीन सालों से आधुनिक ढांचे के साथ पूरी तरह बनकर तैयार था. हालांकि, सन्नाटे और वीरानी की ऐसी चादर लपेटे बैठा था कि स्थानीय लोगों ने इसे ‘भूतिया स्टेशन’ का नाम दे दिया था. पर अब, उस निशातपुरा रेलवे स्टेशन की किस्मत बदलने जा रही है. 28 जुलाई 2026 की शाम मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भोपाल के सांसद आलोक शर्मा इसका आधिकारिक लोकार्पण करने जा रहे हैं.
28 जुलाई से जैसे ही इस स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेनें रुकना शुरू होंगी, सालों पुराना ‘भूतिया स्टेशन’ का बदनुमा टैग हमेशा-हमेशा के लिए हट जाएगा और भोपाल के उत्तरी इलाकों में रहने वाले लाखों यात्रियों को एक नया आधुनिक रेल हब मिल जाएगा.
निशातपुरा रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य जून 2023 में ही पूरी तरह से संपन्न हो चुका था. प्लेटफ़ॉर्म, टिकटिंग काउंटर और आधुनिक ढांचा बनकर तैयार था, लेकिन फिर भी इस स्टेशन को जनता ‘घोस्ट स्टेशन’ क्यों कहने लगी?
तकनीकी मंजूरी में देरी और ऑपरेशनल बदलावों के चलते यहां करीब 3 सालों तक किसी रेल कर्मचारी या सुरक्षा बल की तैनाती नहीं की गई. न तो यहां कोई ट्रेन रुकती थी और न ही कोई यात्री उतरता या चढ़ता था. शाम ढलते ही यह पूरा इलाका वीरान और अंधेरे में डूब जाता था. निवासियों और राहगीरों ने इसे अनौपचारिक रूप से ‘भूतिया रेलवे स्टेशन’ कहना शुरू कर दिया था.
भोपाल रेलवे डिवीजन ने स्टेशन के संचालन की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है. शुरुआती चरण में दो प्रमुख लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को हरी झंडी दी गई है. इसमें इंदौर-वैष्णो देवी कटरा मालवा एक्सप्रेस और जबलपुर-सोमनाथ एक्सप्रेस शामिल है.
ये भी पढ़ें: CWG में आधी रात को कमाल: 6 से 10 हुए भारत के मेडल, 4 ‘नाइट राइडर्स’ का धमाल; देखें मेडल टैली
निशातपुरा स्टेशन के चालू होने से उत्तरी भोपाल और इसके आसपास के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों को अब मुख्य भोपाल जंक्शन या रानी कमलापति (RKMP) स्टेशन तक जाने का लंबा और ट्रैफिक से भरा सफर तय नहीं करना पड़ेगा. करोंद, छोला और नया छोला, भानपुर, अयोध्या बायपास, नारियलखेड़ा, डीआईजी बंगलो, सिंधी कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, चांदबड़, पारस नगर, लालघाटी, गांधी नगर, आनंद नगर और भीमनगर को सीधा फायदा मिलेगा.
भोपाल में अब तक चार प्रमुख रेलवे स्टेशनों भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति (RKMP), संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) और मिसरोद से यात्रियों का आवागमन होता था. निशातपुरा के जुड़ने से अब राजधानी में 5 एक्टिव रेलवे स्टेशन हो जाएंगे. इससे मुख्य भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और गाड़ियों का अतिरिक्त दबाव 30% तक कम होने का अनुमान है. साथ ही, शहर के अंदरूनी हिस्सों (जैसे लालघाटी और करोंद चौराहा) में लगने वाले सड़क ट्रैफिक में भी भारी कमी देखने को मिलेगी, जिससे यात्रियों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी.
निशातपुरा स्टेशन की शुरुआत केवल एक रेलवे स्टेशन का फीता काटना नहीं है, बल्कि यह भोपाल के शहरी परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की एक बड़ी मिसाल है. 3 साल से अटका पड़ा यह प्रोजेक्ट यह साबित करता है कि प्रशासनिक मंजूरियों के मिलने के बाद कैसे एक बदनाम और वीरान पड़ा ढांचा शहर के लिए लाइफलाइन बन सकता है. 28 जुलाई की शाम 4:30 बजे जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हरी झंडी दिखाएंगे, तो यह स्टेशन ‘भूतिया’ का दाग धोकर एक आधुनिक और गुलजार रेल हब के रूप में पहचाना जाएगा.
Tomato Price Crash in Maharashtra: महाराष्ट्र की पिंपलगांव एपीएमसी मंडी में टमाटर की बंपर आवक…
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में फरार चल रही श्रद्धा दुबे…
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत को 'रिफाइनिंग महाशक्ति' बताते हुए ऊर्जा क्षेत्र में…
Khargone Jail Escape Accused Arrested: खरगोन जिला जेल से फरार हुए पॉक्सो एक्ट के सजायाफ्ता…
BJP Yuva Morcha: भारतीय जनता पार्टी ने युवा मोर्चा की नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा…
नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने करियर की शुरुआत ‘स्ट्रोकलेस वंडर’ की छवि के साथ की…