देश

पाकिस्तान में बिहार चुनाव की चर्चा: पीएम मोदी पर क्रिटिक, राहुल पर रहम; ‘Dawn’ ने क्या लिखा?

Bihar Election 2025 In Pakistan: हमारा पड़ोसी पाकिस्तान अपनी माली हालत को लेकर परेशान है. इस्लामाबाद समेत देश के बड़े शहरों में लोग अपनी पेट के लिए सड़कों पर उतर आए हैं. PoK में अधिकार के लिए प्रदर्शन हो रहा है. बलूच में अलग ही विद्रोह चल रहा है. हालांकि, वहां के अखबार और सरकार को इससे कम और भारत में हो रही चीजों से ज्यादा मतलब है. सायद इसलिए बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का मुकाबला भारत में ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी चर्चा का विषय बना हुआ है. चुनावों को लेकर वहां के अखबार द डॉन ने बड़ा लंबा चौड़ा लेख लिखा है.

पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ ने अपने पहले पन्ने पर इस चुनाव (Bihar Election) को जगह देते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली अल्पमत की केंद्र सरकार के लिए एक ‘लिटमस टेस्ट’ करार दिया है. वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए भी इस चुनाव को अहम बताया है.

क्या है द डॉन का विश्लेषण?

अखबार के विश्लेषण के अनुसार, 2024 के आम चुनावों में भाजपा के 240 सीटों पर सिमट जाने के बाद, नीतीश कुमार की जेडीयू (12 सांसद) और चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी (16 सांसद) ही वह प्रमुख सहारा हैं, जिन्होंने एनडीए सरकार को बहुमत के आंकड़े (272) के पार पहुंचाया है. ‘डॉन’ का मानना है कि यदि बिहार चुनाव के नतीजे अप्रत्याशित रहे और नीतीश कुमार के साथ भाजपा के रिश्ते बदले, तो केंद्र सरकार की स्थिरता खतरे में आ सकती है.

ये भी पढ़ें: Voter ID नहीं है, फिर भी डाल सकते हैं वोट, जानें EVM में कितनी देर दबाना है?

केंद्र की स्थिरता होगी प्रभावित

पाकिस्तानी अखबार के अनुसार, बिहार चुनाव का नतीजा (Bihar Election Result) केंद्र की गठबंधन सरकार की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है. अखबार ने लिखा ‘प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार इस समय अल्पमत में है और यह मुख्य रूप से सहयोगी दलों के सहारे चल रही है. इनमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) सबसे अहम है.’

नीतीश कुमार की JDU (12 सांसद) और चंद्रबाबू नायडू की TDP (16 सांसद) के समर्थन से सरकार साधारण बहुमत (272) के आंकड़े को पार कर पाई है. एनडीए का नेतृत्व कर रहे पीएम मोदी के पास साधारण बहुमत से केवल 21 सांसद अधिक हैं, जिनमें बिहार और आंध्र प्रदेश के दोनों सहयोगी दलों के 28 सांसद शामिल हैं. ऐसी नाजुक स्थिति में यदि बिहार चुनाव में नतीजे थोड़ी भी अलग होते हैं.

ये भी पढ़ें: वोट डाला और गरज पड़े तेजप्रताप! मां की ममता पर दिया जवाब; बोले- लंबी लड़ाई को तैयार

रिजल्ट के बाद नीतीश कुमार का रोल

द डॉन के अनुसार, रिजल्ट के बाद नीतीश कुमार के साथ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के रिश्ते बदलते हैं, तो केंद्र सरकार भी खतरे में आ सकती है. ‘डॉन’ लिखता है कि यदि नीतीश कुमार की राज्य सरकार पर खतरा आया, तो वह केंद्र में ‘रास्ता बदलकर’ दांव चल सकते हैं, जिसे बीजेपी कतई नहीं चाहेगी, खासकर जब चंद्रबाबू नायडू भी एक ‘हार्ड बारगेनर’ माने जाते हैं.

राहुल गांधी के लिए भी चुनाव अहम

लेख में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए भी इस चुनाव को अहम बताया गया है. ‘डॉन’ का कहना है कि राहुल गांधी ने 2024 के चुनाव में अच्छी वापसी की थी और वह अब विपक्ष के नेता हैं. विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन का जिक्र किया, जिसके कमजोर रहने के कारण ही केंद्र में मोदी सरकार का समर्थन कम हुआ था.

ये भी पढ़ें: तेज वोटिंग से घबराहट? मतदान के बीच ‘बिजली’ पर बवाल, RJD के दावे पर आयोग का जवाब

अखबार पर सवाल लाजमी

बिहार चुनाव (Bihar Election) के बीच आया द डॉन का लेख उसे ही सवालों और क्रिटिक के निशाने पर ला रहा है. अखबार ने राहुल गांधी और यूपी में कांग्रेस-सपा के बेहतर प्रदर्शन को भी मोदी सरकार के लिए चुनौती माना है. नतीजों के बाद क्या होगा क्या नहीं होगा इसे तय करने के लिए भारत की जनता और नेता काफी हैं. हालांकि, यह लेख साफ दिख रहा है कि वह किसी खास भावना से किसी एक पक्ष के लिए लिखा गया है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

चीन-जापान की राह पर भारत! नथिंग के CEO बोले- मैन्युफैक्चरिंग तो बस शुरुआत है, R&D से बनेंगे ग्लोबल ब्रांड्स

Nothing CEO Carl Pei: उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी नथिंग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कार्ल पेई…

6 hours ago

CCTV फुटेज से खुली दान में चोरी की पोल! अयोध्या राम मंदिर मामले में SIT को मिले 105 चोरी के सबूत

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी गई स्टेटस रिपोर्ट में बताया…

6 hours ago

Asian Games में भारत का जलवा: दूसरे दिन आए 6 मेडल, टेबल टेनिस में पाकिस्तान को दो बार चटाई धूल

एशियन गेम्स 2026 के दूसरे दिन भारत ने निशानेबाजी और एमएमए (MMA) में 3 सिल्वर…

7 hours ago

IICC में आयोजित होगा ‘हिंदी मेरी जान 2026’ कवि सम्मेलन, भारत एक्सप्रेस के चेयरमैन उपेन्द्र राय किए गए आमंत्रित

भारत एक्सप्रेस के CMD एवं एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय दिल्ली में होने जा रहे 'हिंदी मेरी…

7 hours ago