छात्र आंदोलन के आगे झुकी बिहार सरकार! TRE-4 में नहीं होगी PT और मेन्स (इमेज-IANS)
Bihar TRE-4 Single Exam: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच गुरुवार को हुई वार्ता के बाद कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनी. शिक्षा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में छात्र प्रतिनिधिमंडल की सभी लिखित मांगों पर बिंदुवार चर्चा की गई.
बैठक के बाद छात्रों ने सर्वसम्मति से आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया. बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 को लेकर हुआ. सरकार ने छात्रों की एकल परीक्षा आयोजित करने की मांग स्वीकार कर ली है. साथ ही ‘एक अभ्यर्थी, एक परिणाम’ के संदर्भ में नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी है.
सरकार ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा की पारदर्शिता से जांच, बिहार कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं के समयबद्ध आयोजन, 1,799 दरोगा पदों की भर्ती परीक्षा की जांच तथा सहायक प्राध्यापक नियुक्ति से पहले बिहार पात्रता परीक्षा आयोजित करने की मांग पर भी निर्णय लिया.
परीक्षा सुधार के लिए पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित होने वाली विशेषज्ञ समिति के समक्ष शिकायतकर्ताओं को साक्ष्य के साथ अपना पक्ष और सुझाव रखने का अवसर दिया जाएगा. समिति की अनुशंसा के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. 1,799 दरोगा भर्ती की अग्रेतर प्रक्रिया भी समिति की रिपोर्ट के बाद ही की जाएगी. वहीं, बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जल्द परीक्षा कैलेंडर जारी कर समय पर परीक्षाएं कराने की कार्रवाई की जाएगी.
बैठक में पुस्तकालयाध्यक्षों की रिक्तियों के अनुरूप बहाली प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने पर भी सहमति बनी. संविदा कर्मियों को भर्ती प्रक्रियाओं में अंक या वेटेज दिए जाने की स्थिति में अलग कोटा निर्धारित करने के मुद्दे पर उच्चस्तरीय समिति बनाकर सरकार के प्रावधानों के आलोक में विचार किया जाएगा. बिहार की सभी भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम डोमिसाइल नीति लागू करने के संबंध में न्यायविद से प्राप्त परामर्श के अनुरूप नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया. भर्ती परीक्षाओं में अधिकतम उम्र सीमा से जुड़े प्रस्ताव को भी समिति के समक्ष विचार के लिए रखने पर सहमति बनी.
सरकार ने बीपीएससी की तर्ज पर आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र, ओएमआर शीट और उत्तर पुस्तिका से जुड़ी पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रस्ताव भी विशेषज्ञ समिति के समक्ष रखने पर सहमति जताई. वहीं, बीपीएससी द्वारा आयोजित एईडीओ, सेनेटरी सहित परीक्षाओं में पेपर लीक की निष्पक्ष जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई द्वारा नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि छात्रों की मांगों को लेकर सरकार शुरू से गंभीर रही है. उन्होंने कहा कि इस बार टीआरई-4 परीक्षा एकल चरण में आयोजित की जाएगी और छात्रों की मांगों के संबंध में नौ अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने विभिन्न परीक्षाओं में सुधार के लिए ‘परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति’ गठित की है. पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली यह समिति परीक्षाओं से संबंधित छात्रों की शिकायतों की भी सुनवाई करेगी.
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उन्होंने बताया कि छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ शुरू किए गए हैं. इनके माध्यम से छात्रों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के कल्याण और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है.
(IANS के इनपुट पर आधारित)
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