देश

अब पाक-चीन की खैर नहीं…! भारत ने तैयार किया 661 करोड़ का प्लान, क्या है ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम?

BrahMos Missile Deal: भारत ने अपनी समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के युद्धपोतों के लिए ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम से जुड़े आधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम और लॉन्चर्स की खरीद के लिए 661.50 करोड़ रुपये का करार किया है. यह समझौता नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय और ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुआ.

इस डील को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती मौजूदगी और पाकिस्तान के साथ उसकी रणनीतिक नजदीकी भारत के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है. हालांकि, मंत्रालय ने इस सौदे को सीधे तौर पर किसी देश के खिलाफ कदम नहीं बताया है, लेकिन समुद्री क्षेत्र में भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने का इसका रणनीतिक महत्व जरूर है.

युद्धपोतों को मिलेगी नई ताकत

डील के तहत नौसेना के प्रमुख फ्रंटलाइन युद्धपोतों पर ब्रह्मोस सिस्टम के आधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम और लॉन्चर्स लगाए जाएंगे. फायर कंट्रोल सिस्टम किसी भी मिसाइल सिस्टम का बेहद अहम हिस्सा होता है. यह लक्ष्य की पहचान, ट्रैकिंग और मिसाइल को सही दिशा में लॉन्च करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

ब्रह्मोस अपनी सुपरसोनिक गति और सटीक निशाने के लिए दुनिया की प्रमुख क्रूज मिसाइल प्रणालियों में गिनी जाती है. ऐसे में इसके सिस्टम को और आधुनिक बनाने से भारतीय नौसेना की समुद्री मारक क्षमता में बढ़ोतरी होगी.

‘आत्मनिर्भर भारत’ पर भी जोर

इस सौदे की एक खास बात इसका स्वदेशी स्वरूप है. खरीद ‘बाय इंडियन-आईडीडीएम’ श्रेणी के तहत की गई है, जिसमें कम से कम 68 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल होगा. यानी इस परियोजना में भारतीय कंपनियों और घरेलू रक्षा उद्योग की बड़ी भूमिका रहेगी.


ये भी पढ़ें: लगातार क्यों कांप रही भारत की धरती? उत्तराखंड से Delhi-NCR तक हड़कंप के बाद अरुणाचल में आधी रात भूचाल


इससे देश की रक्षा विनिर्माण क्षमता को बढ़ावा मिलने के साथ एमएसएमई क्षेत्र को भी नए अवसर मिल सकते हैं. परियोजना से अगले तीन वर्षों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है. भारत पहले ही रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहा है. ब्रह्मोस और अन्य स्वदेशी रक्षा प्रणालियों में बढ़ती रुचि के बीच यह सौदा नौसेना की ताकत बढ़ाने के साथ भारत के आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

Recent Posts

‘जानता राजा’ महानाटक में पहुंचे अनुराग ठाकुर, मनोज तिवारी और सुरेश राणा: जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों को बताया ‘नए मुगल’

'जानता राजा' महानाटक के छठे दिन अनुराग ठाकुर, मनोज तिवारी और सुरेश राणा पहुंचे. अनुराग…

9 minutes ago

कांग्रेस के महारैली पर भड़के व्यापारी, बोले- नहीं टला तो होगा आंदोलन

1 नवंबर की महारैली टालो वरना होगा आंदोलन. CTI और भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की…

28 minutes ago

ऑपरेशन चक्र-2 में दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, 72 घंटे में 185 चोरी के वाहन बरामद, 44 आरोपी दबोचे

दिल्ली पुलिस के ऑपरेशन चक्र-2 में बड़ी सफलता मिली है. 72 घंटे के भीतर 185…

55 minutes ago

गुजरात के नमक के मैदानों में कमाल कर रहीं ‘सोलर महिलाएं’, डीजल से मुक्ति दिलाकर खुद बन रही आत्मनिर्भर

गुजरात के नमक के मैदानों में 'सोलर महिलाएं' डीजल पंपों का विकल्प बनकर उभर रही…

57 minutes ago

सिर्फ 15 घंटे का AI मॉड्यूल बदलेगा सरकारी स्कूल के बच्चों की सोच, बिना कोडिंग के बनेंगे फ्यूचर के प्रॉब्लम सॉल्वर

15 घंटे का AI लर्निंग मॉड्यूल सरकारी स्कूल के छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग…

1 hour ago

योगी सरकार का बड़ा फैसला: माध्यमिक और बेसिक शिक्षा के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा, 1.70 लाख परिवारों को लाभ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग…

1 hour ago