सीबीआई की वाइल्डलाइफ क्राइम यूनिट ने वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी की जानकारी के आधार पर 3 फरवरी 2025 को एक विशेष अभियान चलाया. वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) के अधिकारियों के साथ मिलकर सीबीआई की टीम ने हरियाणा के पिंजौर में एक वाहन को रोका और तलाशी के दौरान तेंदुए की दो खाल, नौ दांत, 25 पंजे, तीन जबड़े के टुकड़े, तीन ऊदबिलाव की खाल और पैंगोलिन के शल्क बरामद किए.
मौके से तीन आरोपियों पीरदास, वजीरा और रामदयाल को गिरफ्तार किया गया, जबकि गिरोह के एक अन्य सदस्य रोहतास को कालका रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया. इन सभी पर भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 61(2) और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 40, 49, 49B और 51 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
जांच में सामने आया कि आरोपियों में से एक पर पहले भी नेपाल पुलिस ने वन्यजीव अपराधों के मामले में चार्जशीट दायर की थी. जब्त किए गए सभी वन्यजीव अवशेष वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के शेड्यूल-1 के अंतर्गत आते हैं, जो दुर्लभ प्रजातियों के शिकार और तस्करी पर कड़ी सजा का प्रावधान करता है.
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा. सीबीआई इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, जिसमें वन्यजीव तस्करी के स्रोत, इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और पैसों के लेन-देन की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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