नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का विरोध प्रदर्शन आज (बुधवार) को भी जारी है. प्रदर्शन के बीच संगठन के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनका समय बहुत महत्वपूर्ण है और वे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से तभी मुलाकात करेंगे, जब सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और उन्हें पूरा करने के लिए तैयार होगी.
सौरव दास ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की ओर से उन्हें दूसरी बार बातचीत के लिए बुलाया गया है. हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि इस बार वे मंत्री से मिलने उनके घर या कार्यालय नहीं जाएंगे.
उन्होंने कहा कि पिछली मुलाकात के दौरान उन्हें करीब चार घंटे तक इंतजार कराया गया था. दास ने कहा,
“हमने अपनी बात स्पष्ट कर दी है. अगर हमारी मांगों पर कार्रवाई करनी है, तभी हमें बातचीत के लिए बुलाया जाए. हम सिर्फ औपचारिक बैठक के लिए अपना समय नहीं देना चाहते.”
सीजेपी प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन का भी समर्थन किया. उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता होने के नाते सरकार से सवाल पूछना और विरोध दर्ज कराना राहुल गांधी की जिम्मेदारी है.
दास ने कहा कि जिस तरीके से राहुल गांधी ने प्रदर्शन किया, वह उन्हें सही लगा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध की जगह होनी चाहिए. उनके अनुसार, सीजेपी और अन्य विपक्षी दलों की मुख्य मांग एक ही है कि नीट पेपर लीक मामले में जिम्मेदारी तय की जाए. उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को भी दोहराया.
प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों, पुलिस और सुरक्षाबलों के साथ कथित झड़पों के सवाल पर सौरव दास ने कहा कि 20 जुलाई को पुलिस की ओर से सबसे ज्यादा बल प्रयोग किया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि कई प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं और कुछ युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा.
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी आंदोलन में हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति हिंसक गतिविधि करता है तो पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि ऐसी घटनाएं पूरे आंदोलन की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं.
दास ने प्रदर्शनकारियों से अपील करते हुए कहा कि युवा आंदोलन की ताकत हैं और उन्हें संयम बनाए रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि हिंसा से मुद्दा कमजोर हो सकता है और आंदोलन का उद्देश्य पीछे छूट सकता है.
सीजेपी को आम आदमी पार्टी की बी-टीम बताए जाने के सवाल पर सौरव दास ने कहा कि उनके संगठन पर कई तरह के आरोप लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने तो उन्हें आतंकवादी तक कह दिया, लेकिन देश के युवा सच्चाई समझते हैं और उन्हें समर्थन दे रहे हैं.
उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन स्थल पर लोग बिना किसी अपील के प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर विरोध करने वालों पर उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि जो लोग पैसे लेकर उनके खिलाफ पोस्ट कर रहे हैं, वे अपना काम करते रहें.
दास ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी का रोजगार छीनना नहीं है, बल्कि नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर जवाबदेही तय करवाना है.
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-भारत एक्सप्रेस
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