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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हीटवेव प्रबंधन की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश

लखनऊ, 19 मार्च। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लाल बहादुर शास्त्री भवन में हीटवेव प्रबंधन को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. हीटवेव के कारण होने वाली घटनाओं को लेकर तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए. उन्होंने हीटवेव को लेकर विशेषतौर पर सतर्कता बरतने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि हीटवेव के कारण होने वाली जनहानि हम स्वीकार नहीं कर सकते. इस तरह की जनहानि को कंपनसेशन देकर भरपाई नहीं की जा सकती. हमारे लिए एक-एक जनहानि हमारा व्यक्तिगत नुकसान है. इन घटनाओं में पूरा परिवार तबाह हो जाता है.

▪️उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ जिलों में अभी से हीटवेव जैसी स्थिति उत्पन्न होने लगी है, ऐसे में सभी विभागों को सतर्कता के साथ कार्य करने की जरूरत है. उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों व तहसील स्तर पर लोगों हीटवेव के कारण, बचाव व तैयारी से संबंधित तथ्यों को व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अवगत कराने के साथ ही प्रदेश के जंगलों को अग्निकांड से बचाने को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी प्रकार के शरारती तत्व जंगलों में आगजनी की घटनाओं को अंजाम न दे सकें. इसके लिए पेट्रोलिंग और तेज की जाए. उन्होंने वन विभाग और अग्निशमन विभाग को चिंगारी से लगने वाली आग से बचाव को लेकर सतर्कता बढ़ाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि अग्निशमन विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. वहीं, वन विभाग को पंछियों, जंगली जीव-जंतुओं को पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी. उन्होंने कहा कि वन विभाग के वन रक्षक व वन कर्मियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए.

▪️उन्होंने निर्देश दिया कि प्रदेश के हर जिले में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने होंगे, इसमें होने वाले व्यय की चिंता न करें. संवेदनशील क्षेत्रों में भी अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए जाएं, ताकि समय से लोगों को आने वाली आपदा से सूचित किया जा सके. प्रधान, ग्राम सेवक को जवाबदेह बनाया जाए तथा समय-समय पर जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री ने बैठक में हीटवेव से जुड़े हाई रिस्क वाले जिलों में वज्रपात की भी समस्या अधिक होने के तथ्य का उल्लेख करते हुए कहा कि 3 घंटे पहले अलर्ट आ जाए तो संवेदनशील इलाकों में लोगों के आवागमन को प्रतिबंधित किया जा सकेगा. इन इक्विप्मेंट्स व वार्निंग सिस्टम की स्थापना, संचालन व कवरेज से जुड़े पहलुओं की रेगुलर मॉनिटरिंग भी की जाए.

▪️मुख्यमंत्री ने कहा कि मीरजापुर, सोनभद्र तथा गाजीपुर जैसे इलाकों में आकाशीय बिजली की घटनाएं सर्वाधिक होती हैं, ऐसे में सभी रिस्क वाले जिलों में किसानों को वज्रपात से अलर्ट करना होगा जिससे जनहानि को रोका जा सके. मोबाइल पर एसएमएस तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लोगों को घटना से पहले अवगत कराया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना विभाग के साथ समन्वय करते हुए प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों, तहसील मुख्यालयों, ब्लॉक मुख्यालयों में हीटवेव को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार होना चाहिए. इसके लिए डिजिटल डिस्प्ले, होर्डिंग, बिलबोर्ड समेत विभिन्न माध्यमों का सहारा लिया जाए. विभिन्न विज्ञापनों में भी बचाव और तैयारियों के विषय में जागरूक किया जाना चाहिए. जनधन की हानि को रोकने के लिए यह आवश्यक है.

▪️उन्होंने कहा कि अभी तो स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं मगर इस इनके मध्य स्कूली बच्चों को सेमिनार व अन्य माध्यम से हीटवेव को लेकर बरतने वाली सतर्कताओं को लेकर अवगत कराया जाए. भीड़ भाड़ वाली जगहों, बैंकों व अन्य संस्थानों में प्याऊ लगाने, शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि महाकुम्भ में उपयोग में लाए गए वाटर एटीएम को सभी जिलों में भेजा जाए. प्रत्येक जिले में एक वॉटर एटीएम प्रसाद के रूप में भेजा जाना चाहिए और इसके माध्यम से मुफ्त पानी मिले यह सुनिश्चित किया जाए. इसके अतिरिक्त, बैंकों व उद्यमियों को सीएसआर के माध्यम से और अधिक वॉटर एटीएम लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए.

▪️मुख्यमंत्री ने बावड़ियों तालाब और छतों पर पानी की व्यवस्था के निर्देश दिए। साथ ही, यह भी कहा कि चिकित्सालयों में बने बर्न वार्ड में विशेष व्यवस्था होनी चाहिए. इसके अलावा विभिन्न प्रचार माध्यमों में लू लगने पर क्या करना है, क्या सावधानी बरती जानी चाहिए, इसका भी प्रचार प्रसार किया जाए.

▪️प्रदेश में हीटवेव को लेकर तैयारियों का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य हीटवेव एक्शन प्लान-2025 के साथ ही लखनऊ, आगरा व झांसी के सिटी एक्शन प्लान की पुस्तक का भी विमोचन किया. उन्होंने कहा कि यह पुस्तक हिंदी में सरल भाषा में भी बने जिससे प्रदेश के हर जिले में गांव, नगर निकाय व ग्राम पंचायत के लोगों तक इसकी पहुंच हो और व पढ़ सकें. उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक्शन प्लान तैयार है. प्रदेश में पहले से हीटवेव को आपदा घोषित किया जा चुका है.

-भारत एक्सप्रेस 

Vikas Shukla

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