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भलस्वा से डेयरी वालों को शिफ्ट करने का मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को सुरक्षा मुहैया कराने का दिया आदेश

Bhalswa Dairy Case: भलस्वा से सभी डेयरी वालों को घोघा डेयरी कॉलोनी शिफ्ट करने की मांग करने वाली याचिकाकर्ता व पशु अधिकार कार्यकर्ता सुनयना सिब्बल को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया है. साथ ही अदालत ने दिल्ली पुलिस को इस पूरे घटना की जांच का आदेश दिया है. कोर्ट 27 अगस्त को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. सुनयना सिब्बल ने दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सुरक्षा की गुहार लगाई थी. सुनयना सिब्बल ने अपनी अर्जी में कहा है कि दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा भलस्वा डेयरी को शिफ्ट करने के आदेश दिए जाने के बाद उनको धमकाया जा रहा है.

सिब्बल मिली थी धमकियां

सिब्बल ने कहा कि दो लोग उनके घर में तब घुस आए, जब वो घर पर नहीं थी. कोर्ट ने इन धमकियों पर गंभीर चिंता जताई और स्थानीय एसएचओ को सिब्बल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और खतरे की आशंका को दूर करने का निर्देश दिया. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ ने यह भी चेतावनी दी कि सिब्बल के खिलाफ किसी भी तरह की धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. हाल ही में हाई कोर्ट ने एमसीडी, डीयूएसआईबी, जीएनसीटीडी और एमओएचयूए सहित सभी वैधानिक प्राधिकरणों को निर्देश दिया है कि वे अपनी मंजूरी के अनुसार सभी डेयरियों को भलस्वा से घोघा डेयरी कॉलोनी में स्थानांतरित करने के लिए तत्काल कदम उठाएं.

लैंडफिल साइटों के पास कोई डेयरियां न चलें

अदालत की चिंता यह सुनिश्चित करना है कि लैंडफिल साइटों के पास कोई डेयरियां न चलें, ताकि अगली पीढ़ी दूध की खराब गुणवत्ता के कारण किसी भी दुर्बलता और बीमारी से पीड़ित न हो। हमें डेयरी मालिकों प्रति सहानुभूति है। पीठ ने पिछली सुनवाई में कहा था कि आप लोग एक सैनिटरी लैंडफिल के बगल में रह रहे हैं। आपका जीवन भी आपके जानवरों के जीवन की तरह खतरे में है। आप लोगों को यह महसूस करना चाहिए और अगर सरकार कचरे के पहाड़ को नहीं हटा सकती है तो उसे आपको कहीं और समायोजित करना चाहिए।

इससे पहले अदालत ने भलस्वा और गाजीपुर डेयरियों के पास सैनिटरी लैंडफिल से दुधारू मवेशियों को कचरा खाने से रोकने के लिए कार्रवाई करने में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और दिल्ली सरकार सहित अधिकारियों की अक्षमता के मद्देनजर भलस्वा डेयरी कॉलोनी को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया था, और यह भी कहा कि गायों को जहरीला कचरा चरने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। यह मामला दिल्ली में नौ नामित डेयरी कॉलोनियों – काकरोला डेयरी, गोयला डेयरी, नंगली शकरावती डेयरी, झरोदा डेयरी, भलस्वा डेयरी, गाजीपुर डेयरी, शाहबाद दौलतपुर डेयरी, मदनपुर खादर डेयरी और मसूदपुर डेयरी की स्थिति से संबंधित है।

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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