Datia Election Result
Datia Bypoll Result: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा से सोमवार (3 अगस्त) को कांग्रेस के लिए अच्छी खबर आई. 30 जुलाई को हुए उपचुनाव के नतीजों में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने बीजेपी के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से हराया. जिसके बाद से दतिया में जश्न का माहौल है.
बता दें कि 2 लाख से अधिक मतदाताओं वाली इस विधानसभा में कुल 1,57,499 वोट डाले गए. हालांकि, इनमें से 456 मतदाताओं ने किसी भी पार्टी या उम्मीदवार को वोट देने के बजाय NOTA का विकल्प चुना. दिलचस्प बात यह है कि इन 456 NOTA वोटों में से 455 वोट EVM के जरिए डाले गए, जबकि एक वोट पोस्टल बैलेट के माध्यम से NOTA के पक्ष में डाला गया.
चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, पोस्टल बैलेट (डाक मतपत्र) से वोट देने की सुविधा उन लोगों को दी जाती है, जो चुनाव के दिन किसी वजह से अपने मतदान केंद्र पर जाकर वोट नहीं डाल सकते. इसमें नौकरी, ड्यूटी या अन्य विशेष परिस्थितियों में रहने वाले मतदाता शामिल होते हैं. जैसे-
1. सशस्त्र बल: भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना के कर्मी.
2. अर्धसैनिक बल: असम राइफल्स, CRPF, BSF, ITBP, CISF, NSG आदि के जवान.
3. राज्य सशस्त्र पुलिस बल: जो अपने राज्य से बाहर तैनात हों.
4. विदेश में तैनात कर्मचारी: भारत सरकार के अधीन विदेशों में कार्यरत राजनयिक (Diplomats) और उनका स्टाफ.
5. मतदान कर्मी: पीठासीन अधिकारी (Polling Officers) और सुरक्षाकर्मी.
6. परिवहन कर्मी: चुनाव ड्यूटी में लगी गाड़ियों के ड्राइवर, कंडक्टर और क्लीनर.
7. वीडियो ग्राफर और सहायक स्टाफ: चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त किए गए अन्य तकनीकी कर्मी.
8. वरिष्ठ नागरिक: 85 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग (पहले यह सीमा 80 वर्ष थी).
9. दिव्यांगजन (PwD): जो 40% या उससे अधिक विकलांग हैं और बेंचमार्क डिसेबिलिटी की श्रेणी में आते हैं.
10. अनिवार्य सेवाओं के कर्मचारी: बिजली विभाग, रेलवे, बीएसएनएल, डाक विभाग, स्वास्थ्य विभाग (डॉक्टर/नर्स) और नागरिक उड्डयन से जुड़े वे कर्मचारी जिनकी चुनाव के दिन आवश्यक ड्यूटी होती है.
11. मीडिया कर्मी: चुनाव आयोग द्वारा अधिकृत पत्रकार जो चुनाव के दिन कवरेज में व्यस्त होते हैं.
चुनाव आयोग के नियमों और गुप्त मतदान (Secret Ballot) के अधिकार के कारण यह कभी पता नहीं लगाया जा सकता कि किसी मतदाता ने किसे वोट दिया. जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 94 और 128 के तहत हर वोट की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखना चुनाव आयोग की कानूनी जिम्मेदारी है.
यानी दतिया में पोस्टल बैलेट से NOTA को वोट देने वाला व्यक्ति कौन है, इसकी जानकारी किसी को नहीं हो सकती. हालांकि, पोस्टल बैलेट से मतदान करने की सुविधा केवल कुछ तय श्रेणी के लोगों को ही मिलती है.
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दतिया विधानसभा उपचुनाव सबसे चर्चित सीटों में से एक रहा. यह चुनाव बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा था, क्योंकि 2023 के विधानसभा चुनाव में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था. बाद में बैंक घोटाला मामले में दोषी ठहराए जाने के कारण राजेंद्र भारती की सदस्यता लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत रद्द कर दी गई, जिसके बाद यह सीट खाली हो गई. उपचुनाव की घोषणा के बाद यह चर्चा भी तेज रही कि बीजेपी एक बार फिर नरोत्तम मिश्रा पर दांव लगाएगी, लेकिन पार्टी ने उनकी जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया.
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कुल 21 उम्मीदवार मैदान में थे. मुख्य मुकाबला बीजेपी के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच रहा, जबकि आजाद समाज पार्टी के दामोदर सिंह यादव भी प्रमुख दावेदारों में शामिल थे. मतगणना में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने 66,757 वोट हासिल कर जीत दर्ज की. बीजेपी के आशुतोष तिवारी को 60,741 वोट मिले, जबकि आजाद समाज पार्टी के दामोदर सिंह यादव को 22,527 वोट प्राप्त हुए.
-भारत एक्सप्रेस
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