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उत्तर प्रदेश में मदरसा संग्राम! केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- आतंकवादियों की फैक्ट्री, क्या किया पाकिस्तान का जिक्र?

Keshav Prasad Maurya madrasa remark: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए बयान ‘मदरसे आतंकवादियों को पैदा करने की फैक्ट्री हैं’ पर सूबे की राजनीति गरमा गई है. उन्होंने अपने बयान में आखिर पाकिस्तान की जिक्र क्यों किया?

Keshav Prasad Maurya madrasa remark

Keshav Prasad Maurya madrasa remark: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सूबे की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है. उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए एक ‘विस्फोटक’ बयान ने सियासी गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है. केशव प्रसाद मौर्य ने मदरसों की कार्यशैली पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि मदरसा चाहे भारत का हो, पाकिस्तान का हो या बांग्लादेश का, वह अघोषित तौर पर आतंकवादियों को पैदा करने की फैक्ट्री ही है.

तस्लीमा नसरीन के बयान का समर्थन (Keshav Prasad Maurya On Taslima Nasreen madrasa statement)

दरअसल, यह पूरा विवाद प्रसिद्ध बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए आरोप लगाया था कि कई मदरसे ‘जिहादी पैदा करने वाले कारखाने’ बन गए हैं और वहां गैर-मुसलमानों के प्रति नफरत सिखाई जाती है. तस्लीमा नसरीन के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए यूपी के डिप्टी सीएम ने खुलकर उनका समर्थन किया और मदरसों की तुलना ‘आतंकवाद की फैक्ट्री’ से कर दी.

मौलाना ने दी ‘इतिहास पढ़ने’ की नसीहत (Maulana Shahabuddin On Keshav Prasad Maurya)

केशव प्रसाद मौर्य के इस बयान के बाद मुस्लिम धर्मगुरुओं और विपक्षी नेताओं में भारी नाराजगी है. बरेली के प्रसिद्ध मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि तस्लीमा नसरीन और केशव प्रसाद मौर्य दोनों को भारत का इतिहास पढ़ना चाहिए. उन्होंने याद दिलाया कि जंग-ए-आजादी में मदरसों से निकले 55 हजार उलमा ने अपनी शहादत दी थी और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा भी मदरसों से ही निकला था.

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योगी कैबिनेट लेने जा रही है बड़ा फैसला (Madrasa education reform)

डिप्टी सीएम का यह बयान ऐसे समय में आया है जब योगी सरकार मदरसा शिक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों और संशोधनों पर विचार कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, योगी कैबिनेट की बैठक में मदरसों को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है. प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मदरसों में केवल 12वीं कक्षा तक ही पढ़ाई की अनुमति दी जा सकती है और मदरसों में चलने वाले डिग्री कोर्स पूरी तरह बंद किए जा सकते हैं. अब देखना होगा कि कैबिनेट बैठक में क्या फैसला होता है और इस पर विपक्ष की क्या रणनीति रहती है.



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