देश

‘हमें बचा लो…’: दिल्ली अग्निकांड के चश्मदीदों का छलका दर्द! आखिरी कॉल में थमीं सांसें, 20 मिनट की देरी पड़ी भारी

Delhi Fire Tragedy: विवेक/दिल्ली: कुछ हादसे केवल यादें नहीं छोड़ते, बल्कि पीछे छोड़ जाते हैं कभी न भरने वाले जख्म और सिस्टम पर खड़े अनगिनत सवाल. दिल्ली में लगी उस भयावह आग की रात भी कुछ ऐसी ही थी, जिसने देखते ही देखते दो हंसते-खेलते परिवारों का नामो-निशान मिटा दिया. पहली मंजिल से उठी एक चिंगारी ने कुछ ही मिनटों में मौत का ऐसा तांडव मचाया कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला.

‘आग लग गई है, बाहर निकलो’

हादसे के शिकार हुए कमल गोयल उस रात को याद करते हुए बताते हैं कि पहली मंजिल पर आग लगते ही नवीन जैन ने उन्हें खबर दी. कमल और उनका बेटा तो किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन बाकी लोग खुशकिस्मत नहीं थे. नवीन जैन ने नीचे आकर जब अपनी पत्नी की मौत की खबर दी और बच्चों को बचाने की गुहार लगाई, तो मंजर बेहद हृदयविदारक था.

पीड़ितों का सबसे बड़ा आरोप सिस्टम की सुस्ती पर है. कमल गोयल के बेटे ने तड़के 3:40 बजे फायर ब्रिगेड को फोन किया था, लेकिन मदद पहुंचने में करीब 20 मिनट की देरी हुई. आने के बाद भी आधा घंटा टीम को तैयारी करने में लग गया. न तो पानी की सही व्यवस्था थी और न ही उपकरण दुरुस्त; पाइप लीक कर रहे थे और महज 50 मिनट के भीतर सब कुछ खाक हो गया.

मासूमों चढ़ गए आग की बलि

इस अग्निकांड में कई लोगों ने जान गंवाई, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल थे. पीड़ित परिवार की सदस्य सोनाली जैन बताती हैं कि उनके परिवार के पांच सदस्य इस आग में चले गए, जिसमें महज डेढ़ साल का मासूम भी शामिल था. सोनाली का दर्द सिस्टम की नाकामी पर फूट पड़ा. उन्होंने बताया कि उनके अपने आखिरी वक्त तक मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन सिस्टम की लाचारी के आगे सब बेबस थे.

परिवार का गंभीर आरोप है कि फायर ब्रिगेड के पास मेटल कटर तक नहीं थे, जिससे वे दरवाजा काटकर लोगों को बाहर निकाल पाते. डिजिटल सिस्टम फेल हो गया था और अगर इमरजेंसी व्यवस्था अपडेट होती, तो आज वह परिवार जिंदा होता.

‘आग बहुत फैल गई है… क्या करें?’

हादसे के वक्त मयंक जैन और उनके भाई निशांत के बीच हुई आखिरी बातचीत रोंगटे खड़े कर देने वाली है. सुबह 3:45 बजे निशांत का कॉल आया और उन्होंने घबराहट में पूछा कि क्या फायर ब्रिगेड नहीं आई?. मयंक ने सांत्वना दी कि कॉल कर दी गई है, लेकिन महज 10 मिनट बाद निशांत की आवाज आई, ‘आग बहुत फैल गई है… क्या करें?’ और इसके 2 मिनट बाद ही फोन हमेशा के लिए बंद हो गया.

ये भी पढ़ें: तंज से तख्तापलट तक! जब 2014 में दीदी ने उड़ाया था अमित शाह का मजाक, 2026 में उखाड़ फेंका TMC का किला

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

Recent Posts

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर धू-धू कर जली स्लीपर बस

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार शाम एक डबल डेकर स्लीपर बस में अचानक भीषण आग…

2 minutes ago

इंस्टा पर प्यार फिर शादी और 60 लाख की ठगी; पैसे मांगे तो बोला- अब धर्म बदलो, बुर्का पहनो!

UP News: कानपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां थाईलैंड की एक युवती…

25 minutes ago

क्या था ‘द हिंदू’ का 22 साल पूराना केस, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने किया बंद?

सुप्रीम कोर्ट की 7 जजों की पीठ ने 22 साल पुराने 'द हिंदू' विवाद को…

28 minutes ago

सुंदरबनी में संदिग्ध आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन तेज, सुरक्षा बलों ने चलाया तलाशी अभियान

जम्मू-कश्मीर के सुंदरबनी में संदिग्ध आतंकियों की मौजूदगी के बाद सुरक्षा बलों ने बड़ा तलाशी…

43 minutes ago

होर्मुज स्ट्रेट में जहाज पर अटैक, 17 भारतीय थे सवार, 11 घायल, MEA ने की कड़ी निंदा

भारत के विदेश मंत्रालय ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर हमले…

54 minutes ago

पीएम मोदी के विजन को साकार करते सिंधिया के प्रयास, ग्वालियर में नई औद्योगिक क्रांति की शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करते हुए केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास…

55 minutes ago