दिल्ली हाईकोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट जैसे नए युग के साइबर अपराधों के खिलाफ एक जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने केंद्र से इस मुद्दे पर चार सप्ताह में जवाब मांगा है. कोर्ट 19 मार्च को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
याचिका में साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता पैदा करने और शिकायत दर्ज करने के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है. याचिकाकर्ता अधिवक्ता अक्षय व उर्वशी भाटिया ने कहा कि अब साइबर अपराधी सुप्रीम कोर्ट सहित फर्जी अदालती आदेशों, प्राथमिकी और गिरफ्तारी वारंटों का डर दिखाकर समझौते करने की आड़ में निदरेष नागरिकों से पैसा वसूली करते हैं. याचिकाकर्ताओं में से एक को डिजिटल अरेस्ट के तहत कथित तौर पर दिल्ली की एक अदालत से जारी किया गया जाली और मनगढंत गिरफ्तारी वारंट मिला था.
-भारत एक्सप्रेस
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