देश

प्रदर्शनकारियों की तीनों मांगें मानेगी सरकार? शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिजीत दिपके ने रखीं ये 2 मांग

NEET पेपर लीक मामले में मचे सियासी घमासान और 34 दिनों से चल रहे उग्र विरोध-प्रदर्शन के बीच आखिरकार सरकार को आज बड़ा फैसला लेना पड़ा. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इस्तीफे की खबर जैसे ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंची, वहां पिछले एक महीने से डेरा डाले बैठे छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई.

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों ने ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ के जोरदार नारे लगाए, राष्ट्रगान गाया और एक-दूसरे को गले लगाकर जश्न मनाया. इस दौरान NEET पेपर लीक विवाद के कारण मानसिक तनाव में आकर जान गंवाने वाले छात्रों की याद में 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी गई.

‘झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए’: अभिजीत दीपके

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, “लोग कहते थे कि इस सरकार में कभी इस्तीफे नहीं होते. लेकिन आज साबित हो गया कि ‘झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए.’ सुबह हो गई है मामू, अब देश की जनता जाग चुकी है.”

दीपके ने स्पष्ट किया कि आंदोलन अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, “कॉकरोच एक बार जब कहीं घुस जाता है, तो आसानी से बाहर नहीं निकलता. मंत्री का इस्तीफा हमारी पहली सफलता है, लेकिन जब तक हमारी बाकी दो मांगें पूरी नहीं होतीं, हम पीछे हटने वाले नहीं हैं.”

अब इन 2 मुख्य मांगों पर टिकी प्रदर्शनकारियों की नजरें:

इस्तीफे के बाद अब सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बाकी दो प्रमुख मांगों पर सहमति बनाने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं:

1. मृतक छात्रों के परिजनों को ₹1 करोड़ का मुआवजा: CJP की मांग है कि NEET धांधली के बाद जिन छात्रों ने मानसिक दबाव में आकर सुसाइड किया है, उनके परिवारों को सरकार की तरफ से 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए.

2. दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर सख्त एक्शन: प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए और निर्दोष छात्रों पर दर्ज किए गए सभी केस तुरंत वापस लिए जाएं.

केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी की वार्ता शुरू

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों के बीच उच्च स्तरीय बैठक शुरू हो चुकी है. बैठक में सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मौजूद हैं, जबकि CJP की तरफ से सौरभ दास और आशुतोष रांका पक्ष रख रहे हैं.

दूसरी तरफ, पुलिस प्रशासन की ओर से अपील की जा रही है कि मुख्य मांग पूरी होने के बाद बंद किए गए सभी 18 मेट्रो स्टेशन खोल दिए गए हैं और प्रदर्शनकारी अब शांतिपूर्ण तरीके से अपने-अपने घर लौट जाएं.

मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में पहला इस्तीफा

साल 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से बीते 12 सालों के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान ऐसे पहले केंद्रीय मंत्री बन गए हैं, जिन्हें जन-विरोध और जनाक्रोश के चलते अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है. हालांकि, इससे पहले साल 2018 में तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने भी इस्तीफा दिया था, लेकिन वह मामला दुनियाभर में चले ‘Me Too’ अभियान के तहत उनके पत्रकारिता के दिनों के व्यक्तिगत आरोपों से जुड़ा था. नीतिगत विफलता और छात्रों के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के दबाव में किसी मंत्री के इस्तीफे का यह बीते एक दशक का पहला बड़ा मामला है.

यह भी पढ़िए: ‘कॉकरोंच एक बार घुस जाता है तो निकलता नहीं’, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले प्रदर्शन के अगुआ, जानिए कौन हैं CJP बनाने वाले अभिजीत दिपके?

Bharat Express Desk

Recent Posts

‘भारत में भी सत्ता बदले…’, प्रशांत भूषण-नेहा बोरा के ‘रिजीम चेंज’ बयानों से छिड़ा विवाद, बांग्लादेश मॉडल के सुर अलापे

Delhi Protest News: राहुल गांधी की समर्थक नेहा बोरा बोलीं- 'बांग्लादेश ने हमें एक रास्ता…

24 minutes ago

‘पैसे से नहीं चलती देश की नीतियां…’ स्टारलिंक को लेकर एलन मस्क पर बरसे बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे

आईटी संसदीय समिति के अध्यक्ष डॉ. निशिकांत दुबे ने स्टारलिंक के मुद्दे पर एलन मस्क…

25 minutes ago

जेआरडी टाटा का वो सपना, जिसने भारत को दी पहली एयरलाइन; जानिए एयर इंडिया की दिलचस्प कहानी

जेआरडी टाटा को 1929 में भारत का पहला पायलट लाइसेंस मिला था. इसके बाद उन्होंने…

1 hour ago

‘सत्ता को सेवा में बदला’, पीएम मोदी के 25 वर्षों के कार्यकाल पर हिमाचल प्रदेश बीजेपी ने जताई कृतज्ञता

हिमाचल प्रदेश भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने…

1 hour ago

पेपर लीक और नकल पर नकेल! मध्य प्रदेश बना देश का पहला राज्य, चार महानगरों में गठित हुए फास्ट-ट्रैक कोर्ट

पेपर लीक और नकल जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने…

2 hours ago

बुक रिव्यू: AI के दौर में मानवीय चेतना और संवेदनशीलता की पैरवी करती विनीत नायर की पुस्तक ‘इंसान पहले, मशीन बाद में’

मैं प्रसिद्ध लेखक विनीत नायर की पुस्तक 'इंसान पहले, मशीन बाद में' की समीक्षा कर…

2 hours ago