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संतों के आपसी विवाद से पीड़ा में धीरेंद्र शास्त्री; बोले- एक-दूसरे की निंदा करना सनातन के लिए घातक

Dhirendra Shastri: धार जिले के श्री मोहनखेड़ा जैन तीर्थ में एक दिवसीय दिवसीय कथा और प्रवचन के सिलसिले में बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर, धीरेंद्र शास्त्री इंदौर पहुंचे. मीडिया से चर्चा में धीरेन्द्र शास्त्री ने संतों का विवाद देखकर पीड़ा जताते हुए कहा कि यह सनातन के लिए ठीक नहीं है, घातक है. उन्होंने सनातन में भी सुधार की बात कही.

बाबा बागेश्वर ने कहा कि सनातन की रूढ़िवादिता, बलिप्रथा कुरीतियां में शामिल है और इन्हें दूर करने की जरूरत है.

इंदौर पहुंचे थे बाबा बागेश्वर

बता दें कि, धार जिले के जैन तीर्थ मोहनखेड़ा में एक दिवसीय कथा और प्रवचन का आयोजन हो रहा है. उसी के सिलसिले में धीरेन्द्र शास्त्री इंदौर आए. उनकी एक झलक पाने के लिए उनके सैकड़ों अनुयाई एयरपोर्ट पर पहुंचे. इस दौरान पूरा परिसर जय जय सियाराम के नारों से गूंज उठा. धीरेंद्र शास्त्री खुद अपने अनुयायियों के पास गए और उनके हालचाल जाना.

चर्चा में धीरेन्द्र शास्त्री ने संतों के विवाद पर बोले, कि मीडिया में जो देख सुन रहे हैं, वह बहुत पीड़ादायक है. यह सनातन के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है. उन्होंने कहा, कि हम संत नहीं बन पाए हैं, इसलिए इतने बड़े संतों को कुछ सलाह नहीं दे सकते.

सनातन में सुधार की जरूरत- बाबा बागेश्वर

धीरेंद्र शास्त्री ने एक सवाल के जवाब में यह भी कहा कि आज सनातन में भी सुधार की आवश्यकता है. साधु एक दूसरे की निंदा कर रहे हैं. यह सनातन के लिए घातक है.

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उन्होंने कहा कि सनातन की रूढ़िवादिता, बलिप्रथा कुरीतियां में शामिल हैं और इन्हें दूर करने की जरूरत है. नए मंदिर तो बन रहे हैं लेकिन पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार बंद हो गया है. आज हमारे मंदिर, तीर्थ, देवालय आस्था का केंद्र की बजाय पिकनिक स्पॉट बन रहे हैं, यह ठीक नहीं है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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