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कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी की सजा पर 12 फरवरी को होगी सुनवाई

पाकिस्तान के समर्थन से देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के मामले में दोषी और कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी की सजा पर सुनवाई से पटियाला हाउस कोर्ट के एनआईए कोर्ट ने इनकार कर दिया है. साथ ही कोर्ट ने मामले में दोषी करार देने वाले कड़कड़डुमा कोर्ट के जज के पास ट्रांसफर कर दिया है. कोर्ट 12 फरवरी के लिए मामले को सूचीबद्ध कर दिया है. दोषी करार देने वाले जज का पटियाला हाउस कोर्ट से ट्रांसफर हो गया था, इसलिए पटियाला हाउस कोर्ट के एनआईए जज का मानना है कि दोषी करार देने वाले जज को ही सजा पर दलीलें सुननी चाहिए.

आसिया आंद्राबी को कड़कड़डुमा कोर्ट ने गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) मामले में दोषी करार दिया है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदरजीत सिंह ने असिया को गंभीर धाराओं के तहत दोषी करार दिया था. अदालत ने असिया अंद्राबी को यूएपीए की धारा 18, जो साजिश से जुड़े अपराध से संबंधित है और धारा 38, जो आतंकवादी संगठन की सदस्यता से जुड़े अपराध को लेकर है.

एनआईए के मुताबिक अंद्राबी पर दो सहयोगियों के साथ मिलकर नफरत भरे भाषणों के माध्यम से भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने, आपराधिक साजिश रचने और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप लगाए हैं. सर्व-महिला अलगाववादी समूह दुख्तरान-ए-मिल्लत की 1987 में स्थापना करने वाली अंद्राबी को अप्रैल 2018 में गिरफ्तार किया गया था. समूह को बाद में प्रतिबंधित कर दिया गया था.

अंद्राबी का भारत विरोधी अभियान

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एनआईए को चार्जशीट की कॉपी और उसके साथ संलग्न दस्तावेजों की कॉपी अंद्राबी को देने का आदेश दिया था. जिसमें आरोपी के भाषणों, वीडियो, सोशल मीडिया लिंक की इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी शामिल था. ऐसे कई वीडियो भी सामने आया था, जिसमें उनको भारत विरोधी और पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाते हुए देखा जा सकता है.

चार्जशीट में एनआईए ने दावा किया था कि गिरफ्तार आरोपी पड़ोसी देश का सहयोग हासिल करने के लिए संगठित अभियान चला रही है.

एनआईए का अंद्राबी पर साजिश में शामिल होने और देश की संप्रभुता एवं एकता को गंभीर रूप से अस्थिर करने का आरोप लगाया था. दायर चार्जशीट में असिया, सिफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन को आरोपी बनाया गया था. एनआईए का यह भी दावा है कि  आसिया ने आतंकवादियों को भी मदद की है.

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-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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