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Diwali 2025: भारत की इन जगहों पर दिवाली बनती है सबसे खास, दीयों की रौशनी और भक्ति का ऐसा संगम कि देखकर हो जाएंगे हैरान!

Diwali 2025: दिवाली वो त्योहार है जब पूरा देश एक साथ खुशियों में डूब जाता है. दीयों की चमक, मिठाइयों की खुशबू, और रंग-बिरंगी लाइटों से सजे घर यही तो इस पर्व की असली पहचान है. हर गली-मोहल्ला, हर मंदिर, हर शहर अपने अंदाज में जगमगाता है. लेकिन भारत के कुछ शहर ऐसे हैं, जहां की दिवाली अपने आप में एक अलग अनुभव बन जाती है. आइए जानते हैं उन जगहों के बारे में, जहां दिवाली का जश्न देखना किसी सपने जैसा होता है.

अयोध्या

भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या में दिवाली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि श्रद्धा और भव्यता का संगम है. यहां दीपोत्सव के दौरान लाखों दीयों से सरयू नदी के घाट ऐसे जगमगाते हैं कि पूरा शहर मानो सोने से चमक उठता है. मंत्रों की ध्वनि, भक्ति संगीत और दीपों की लौ मिलकर ऐसा वातावरण बना देते हैं, जो हर किसी के दिल में भक्ति का दीप जला दे. शाम के वक्त जब पूरा अयोध्या शहर रोशनी से नहा जाता है, तो लगता है मानो भगवान राम सच में अयोध्या लौट आए हों.

वाराणसी

काशी की दिवाली देखने का मज़ा ही कुछ और है. यहां के घाटों पर जलते हजारों दीप जब गंगा के पानी में तैरते हैं, तो वो दृश्य किसी जादू से कम नहीं लगता. आरती के दौरान घंटियों की आवाज़ और दीपों की रौशनी पूरे वातावरण को भक्ति में डुबो देती है. दीवाली के कुछ दिन बाद मनाई जाने वाली देव दीपावली तो और भी खास होती है जब पूरा शहर सचमुच एक स्वर्ग जैसा दिखने लगता है.

गोवा

गोवा में दिवाली थोड़ी हटकर होती है. यहां इसे ‘नरकासुर वध’ के रूप में मनाया जाता है. लोग बड़े-बड़े राक्षस जैसे पुतले बनाते हैं और सुबह होते ही उन्हें जलाकर बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाते हैं. रात होते ही घर, बाजार और बीच रंगीन लाइटों से जगमगा उठते हैं. गोवा की दिवाली में भक्ति के साथ-साथ मस्ती का भी जबरदस्त तड़का होता है.

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दिल्ली

दिवाली की शाम दिल्ली सच में ‘दिल वालों की’ लगती है. सड़कों से लेकर घरों तक, हर जगह लाइटों की जगमगाहट और पटाखों की गूंज रहती है. लाजपत नगर, करोल बाग, सरोजिनी नगर जैसे बाजारों में लोगों की भीड़ और रौनक इस त्यौहार को और भी यादगार बना देती है. राजधानी की गलियों में दिवाली की शाम घूमना अपने आप में एक अनुभव होता है.

मुंबई

सपनों के शहर मुंबई में दिवाली की रौनक कुछ अलग ही होती है. ऊंची-ऊंची इमारतों पर चमकती लाइटें और मरीन ड्राइव पर पटाखों की झिलमिलाती रोशनी जब समंदर में झलकती है, तो वो पल किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लगता. यहां की दीवाली हर दिल में खुशियों की चमक भर देती है.

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-भारत एक्सप्रेस 

Radha Priya

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