भारत की समुद्री सुरक्षा क्षमता को एक बड़ी मजबूती मिली है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय नौसेना ने स्वदेशी रूप से विकसित मल्टी-इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन (MIGM) का सफल परीक्षण किया है. यह माइन भारतीय नौसेना को दुश्मन के आधुनिक स्टील्थ जहाजों और पनडुब्बियों से निपटने में मदद करेगी.
यह हाईटेक माइन पुराने तरीके की माइनों से बहुत अलग और स्मार्ट है. यह समुद्र की सतह पर नहीं तैरती, बल्कि समुद्र के तल पर चुपचाप रहती है. जब कोई दुश्मन का जहाज या पनडुब्बी इसके पास से गुजरती है, तो यह उसकी आवाज, चुंबकीय प्रभाव या पानी के दबाव को पहचानकर सक्रिय हो जाती है और हमला कर देती है. इससे यह माइन ज्यादा सुरक्षित और असरदार बनती है.
MIGM को विशेष रूप से 60 मीटर तक की कम गहराई वाले जल क्षेत्रों के लिए डिजाईन किया गया है, जहां इसे तैनात करके दुश्मन जहाजों की आवाजाही को रोका जा सकता है. इसके अलावा यह लगभग 200 मीटर गहराई में चलने वाली पनडुब्बियों को भी टारगेट करने में सक्षम है.
-भारत एक्सप्रेस
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