FSSAI Rule 2026: खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश में पान मसाला की पैकेजिंग को लेकर कड़े नियम लागू किए हैं. नए संशोधन के तहत पान मसाला में प्लास्टिक और सिंथेटिक सामग्री के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है.
पान मसाला बनाने वाली कंपनियां अब प्लास्टिक पाउच, एल्युमीनियम फॉयल या सिंथेटिक लैमिनेट्स का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी. बल्कि अब पैकेजिंग के लिए सिर्फ कागज (Paper), पेपरबोर्ड, सेल्यूलोज, टिन (Tin) या कांच (Glass) के डिब्बों का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा. कंपनियों को अपनी पैकेजिंग और सप्लाई चेन में बड़े बदलाव करने होंगे, जिससे निर्माण और परिवहन लागत बढ़ सकती है.
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने प्लास्टिक कचरे पर लगाम कसने और खाद्य सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है. FSSAI ने पान मसाला की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक, एल्युमीनियम फॉयल और अन्य सिंथेटिक सामग्रियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) नियम, 2018 में इस संशोधन को अधिसूचित कर दिया गया है.
नए नियमों के अनुसार, अब पान मसाला निर्माताओं को प्लास्टिक-मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग विकल्पों को अपनाना होगा. कंपनियां अब केवल कागज (Paper), पेपरबोर्ड, सेल्यूलोज या प्राकृतिक रूप से बनी सामग्रियों का ही उपयोग कर सकती हैं. हालांकि, इन सामग्रियों में पॉलीथीन, पीवीसी (PVC), सिंथेटिक पॉलिमर या किसी भी तरह के सिंथेटिक लैमिनेट्स का मिश्रण बिल्कुल नहीं होना चाहिए.
प्राधिकरण ने निर्माताओं को राहत देते हुए टिन (Tin) और कांच (Glass) के डिब्बों में पान मसाला पैक करने की अनुमति दी है. इस फैसले के बाद पान मसाला उद्योग में बहुतायत से इस्तेमाल होने वाले पारम्परिक प्लास्टिक पाउच पूरी तरह से बंद हो जाएंगे. यह नया नियम प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के तहत पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.
गौरतलब है कि FSSAI ने इससे पहले अप्रैल 2026 में एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर इस मुद्दे पर सभी पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी थीं. प्राप्त प्रतिक्रियाओं की समीक्षा करने के बाद, खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत केंद्र सरकार की मंजूरी के साथ इन नियमों को अंतिम रूप दिया गया है.
इस फैसले से पान मसाला कंपनियों को अपनी पूरी पैकेजिंग लाइन, सप्लाई चेन और कच्चे माल के स्रोतों में बड़ा बदलाव करना पड़ेगा. हालांकि, इस बदलाव से निर्माण और परिवहन लागत बढ़ने की संभावना है, जिससे कंपनियों के संचालन पर सीधा असर पड़ेगा.
यह भी पढ़ें-NDA की मंगल बैठक! पीएम मोदी के साथ सांसदों की खास बातचीत, मीटिंग में क्या-क्या हुआ?
-भारत एक्सप्रेस
MP SUGAM PARIVAHAN SEVA LAUNCH: मध्य प्रदेश में सरकारी निगरानी वाली सुलभ और सुरक्षित यात्री…
ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में आग…
एडीआर ने नेशनल इलेक्शन वॉच के साथ लोकसभा, राज्यसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए निर्वाचित…
बिहार के लखीसराय में 60 साल के पिंकू सिंह ने 23 साल की वर्षा रानी…
सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों को मिलने वाली सुविधाओं में राज्यों के बीच…
बनारस को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, लेकिन इसी शहर की चिताओं के बीच…