रिपोर्ट-राजकुमार
मध्य प्रदेश के गुना जिले में खाकी एक बार फिर दागदार हुई है. दरअसल नेशनल हाईवे-46 पर स्थित रूठियाई पुलिस चौकी पर एक करोड़ रुपये का संदिग्ध कैश पकड़ने और फिर कथित तौर पर ‘सेटलमेंट’ कर उसे छोड़ने के गंभीर मामले में ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी ने सख्त रुख अपनाया है. शनिवार और रविवार की दरमियानी रात धरनावदा थाने और रूठियाई चौकी पहुंचे डीआईजी ने घंटों तक पुलिसकर्मियों से मैराथन पूछताछ की.
बता दें कि जांच में प्रथम दृष्टया पुलिसकर्मियों का आचरण संदिग्ध पाया गया, जिसके बाद एसपी अंकित सोनी ने धरनावदा थाना प्रभारी एसआई प्रभात कटारे, एएसआई साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिंह सिकरवार और आरक्षक सुंदर रमन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. डीआईजी ने माना कि 19 मार्च को वाहन चेकिंग के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जो विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
यह सनसनीखेज मामला गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात का है, जब रूठियाई चौकी पर गुजरात पासिंग की एक स्कॉर्पियो रोकी गई थी. सूत्रों के मुताबिक, यह गाड़ी गुजरात के एक बड़े जीरा कारोबारी की थी जिसमें से पुलिस को करीब 1 करोड़ रुपये नकद मिले थे.
नियम के अनुसार, इतनी बड़ी राशि मिलने पर आयकर विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करना अनिवार्य था लेकिन आरोप है कि चौकी स्तर पर ही 20 लाख रुपये में डील फाइनल कर ली गई और 80 लाख रुपये के साथ व्यापारी को जाने दिया गया. इस कथित लेन-देन की खबर जैसे ही वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँची, जिससे महकमे में हड़कंप मच गया.
इस मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि गुजरात के किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने इस मामले में हस्तक्षेप किया था. चर्चा है कि दबाव बढ़ने के बाद धरनावदा पुलिस ने कथित तौर पर लिए गए 20 लाख रुपये वापस कर दिए. हालांकि आधिकारिक तौर पर ‘रिफंड’ की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन डीआईजी अमित सांघी की त्वरित कार्रवाई और आधी रात को दी गई दबिश यह साफ करती है कि मामला बेहद गंभीर है. सोशल मीडिया पर इस कांड की तुलना सिवनी के चर्चित हवाला कांड से की जा रही है, जिससे मध्य प्रदेश पुलिस की काफी किरकिरी हो रही है.
ग्वालियर डीआईजी अमित सांघी ने स्पष्ट किया है कि भले ही अभी कोई औपचारिक फरियादी सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिसकर्मियों का व्यवहार संदेहास्पद है. उन्होंने इस पूरे प्रकरण की विस्तृत और गहन जांच के आदेश दिए हैं. जांच टीम अब उस गुजरात के कारोबारी और वाहन में सवार लोगों का पता लगा रही है ताकि यह साफ हो सके कि वह पैसा किसका था और उसे कहाँ ले जाया जा रहा था.
साथ ही डीआईजी ने चेतावनी दी है कि यदि जांच के दौरान किसी अन्य बड़े अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उन पर भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, इस कार्रवाई से पूरे जिले के पुलिस बेड़े में दहशत का माहौल है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
Manmohan Singh Birth Anniversary Tributes: पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र…
Triple Talaq Law: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया है कि…
मथुरा-वृंदावन के गुरु कृपा कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण…
Amit Shah Tribute: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिख धर्म के तीसरे गुरु, श्री…
Premanand Disciple Rasik Dulari Sharan Biography: संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की…
Medinipur BJP Worker Death: पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर ग्रामीण इलाके में 32 वर्षीय बीजेपी कार्यकर्ता…