देश

विशाख रिफाइनरी में एचपीसीएल की नई फैसिलिटी, पीएम मोदी ने कहा- स्वदेशी इंजीनियरिंग की मिसाल

भारत की ऊर्जा जरूरतों को लेकर सरकार लगातार बड़े और दूरगामी कदम उठा रही है. इसी कड़ी में आंध्र प्रदेश की विशाख रिफाइनरी में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी (RUF) के शुरू होने को एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है. इस अत्याधुनिक सुविधा के ऑपरेशन की शुरुआत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी खुलकर सराहना की है और इसे देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक मजबूत आधार बताया है.

ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा में मिलेगी गति- PM Modi

प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, यह अत्याधुनिक सुविधा ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने के हमारे प्रयासों को गति प्रदान करती है, जिससे हम इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाते हैं.

पीएम मोदी के मुताबिक, इस तरह की तकनीक न सिर्फ देश की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करेगी, बल्कि आयात पर निर्भरता को भी कम करने में मददगार साबित होगी.

ऊर्जा सुरक्षा की यात्रा में मील का पत्थर

इससे पहले हरदीप सिंह पुरी ने जानकारी दी थी कि Hindustan Petroleum Corporation Limited की विशाख रिफाइनरी में इस फैसिलिटी का सफल संचालन भारत की ऊर्जा सुरक्षा की यात्रा में एक बड़ा मील का पत्थर है. उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu के दूरदर्शी नेतृत्व का नतीजा है, जो आत्मनिर्भर भारत के विजन को जमीन पर उतार रहा है.

पुरी ने यह भी बताया कि यह सुविधा स्वदेशी इंजीनियरिंग की शानदार मिसाल है. इसमें 2,200 मीट्रिक टन वजनी तीन एलसी-मैक्स रिएक्टर लगाए गए हैं, जिन्हें दुनिया के सबसे भारी इंजीनियरिंग ब्लॉकों में गिना जाता है. खास बात यह है कि इनका निर्माण और असेंबली पूरी तरह भारत में ही की गई है.

इस तकनीक पर आधारित

तकनीकी तौर पर देखें तो 3.55 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष क्षमता वाली यह फैसिलिटी एडवांस्ड रेसिड्यू हाइड्रोक्रैकिंग तकनीक पर आधारित है. इसकी मदद से कच्चे तेल के सबसे निचले और भारी हिस्से का लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा उच्च मूल्य वाले उत्पादों में बदला जा सकता है. इससे हर बैरल तेल का अधिकतम उपयोग संभव होगा और देश की ऊर्जा जरूरतों को ज्यादा कुशलता से पूरा किया जा सकेगा.

एचपीसीएल ने भी इसे कच्चे तेल के रिफाइनिंग तरीके में एक ऐतिहासिक बदलाव बताया है. कंपनी के अनुसार, यह दुनिया की पहली एलसी-मैक्स आधारित रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी है, जिससे पहले बेकार समझे जाने वाले भारी रेसिड्यू को अब उपयोगी ईंधन में बदला जा सकेगा. साफ है कि यह कदम भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत बनाएगा.

ये भी पढें: पायलट से सांसद तक का सफर तय करने वाले सुरेश कलमाड़ी का निधन, 81 वर्ष की उम्र में निधन

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

Recent Posts

जड़ी-बूटियों से AI तक: ICABB 2027 में लिखी जाएगी नई इबारत, JIIT में जुटेंगे दुनियाभर के वैज्ञानिक

जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (JIIT) नोएडा में 28-30 जनवरी 2027 को 10वां ICABB कॉन्फेंस…

5 minutes ago

ट्रंप का 100% टैरिफ, भारत का दो टूक जवाब- ‘दबाव में नहीं झुकेंगे’

रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक अतिरिक्त टैरिफ की अमेरिकी प्रस्तावित…

12 minutes ago

17 सितंबर को ही क्यों मनाई जाती है विश्वकर्मा पूजा? जानिए पौराणिक मान्यता और वजह

Vishwakarma Puja 17 September Reason: हर साल 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा की पूजा की…

17 minutes ago

बीकानेर की महाजन रेंज में अमेरिकी फौज का पड़ाव, जानिए कौन-सी आधुनिक तकनीकें होंगी टेस्ट?

Defense News: बीकानेर की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत और अमेरिका का 22वां संयुक्त…

25 minutes ago

समंदर में भारतीय वॉरशिप से जा भिड़ा पाकिस्तानी जहाज, दिल्ली से लाहौर तक क्यों मची तगड़ी खलबली?

अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारतीय और पाकिस्तानी नौसैनिक इकाइयों के बीच टक्कर की…

32 minutes ago