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पायलट से सांसद तक का सफर तय करने वाले सुरेश कलमाड़ी का निधन, 81 वर्ष की उम्र में निधन

Suresh Kalmadi Death: सुरेश कलमाड़ी का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उन्होंने पायलट से लेकर संसद तक का सफर तय किया था.

पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस के दिग्गज नेता और भारतीय ओलंपिक संघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. लंबे समय से बीमार चल रहे कलमाड़ी के निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक, सामाजिक और खेल जगत में शोक की लहर फैल गई. पुणे और कांग्रेस पार्टी ने अपने उस नेता को खो दिया, जिनका असर शहर की राजनीति और विकास कार्यों पर कई दशकों तक स्पष्ट रूप से दिखाई देता रहा.

सूत्रों के मुताबिक, सुरेश कलमाड़ी का पार्थिव शरीर आज दोपहर 2 बजे तक पुणे स्थित उनके घर पर लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. वहीं दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर उनका अंतिम संस्कार वैकुंठ श्मशानभूमि में किया जाएगा.

कलमाड़ी के करियर की शुरुआत

सुरेश कलमाड़ी ने अपने करियर की शुरुआत 1964 से 1972 तक पायलट के तौर पर की. इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 1978 से 1980 तक महाराष्ट्र प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे.

पायलट से संसद तक का सफर

कलमाड़ी 1982 से 1995 तक राज्यसभा सदस्य रहे. इसके बाद उन्होंने लोकसभा का रुख किया और 1996 तथा 2014 में पुणे से सांसद चुने गए. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार में भी जिम्मेदारी निभाई और 1995 से 1996 तक रेल राज्य मंत्री रहे.

खेल संगठनों में अहम पद

राजनीति के साथ-साथ सुरेश कलमाड़ी ने खेल जगत में भी अपनी पहचान बनाई. वे भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष रहे. इसके अलावा उन्होंने एशियन एथलेटिक्स एसोसिएशन और भारतीय एथलेटिक्स फेडरेशन के अध्यक्ष पद भी संभाला.

कॉमनवेल्थ गेम्स और विवाद

2010 में दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स की आयोजन समिति के अध्यक्ष के तौर पर कलमाड़ी ने बड़ी भूमिका निभाई. हालांकि, इसी आयोजन के दौरान प्रबंधन और ठेकों के आवंटन में अनियमितताओं के आरोप लगे. उन पर भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और वित्तीय गड़बड़ियों के गंभीर आरोप लगाए गए, जिससे उनका राजनीतिक और खेल करियर विवादों में घिर गया.

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सुरेश कलमाड़ी का सफर पायलट से लेकर सांसद और खेल संगठनों के शीर्ष पदों तक रहा. 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़े आरोपों ने उनकी छवि को गहरा धक्का पहुंचाया. राजनीति और खेल दोनों ही क्षेत्रों में उनकी पहचान जितनी मजबूत रही, उतनी ही विवादों ने उनके करियर को प्रभावित किया.

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-भारत एक्सप्रेस



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