भारत की ऊर्जा जरूरतों को लेकर सरकार लगातार बड़े और दूरगामी कदम उठा रही है. इसी कड़ी में आंध्र प्रदेश की विशाख रिफाइनरी में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी (RUF) के शुरू होने को एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है. इस अत्याधुनिक सुविधा के ऑपरेशन की शुरुआत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी खुलकर सराहना की है और इसे देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक मजबूत आधार बताया है.
ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा में मिलेगी गति- PM Modi
प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, यह अत्याधुनिक सुविधा ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने के हमारे प्रयासों को गति प्रदान करती है, जिससे हम इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाते हैं.
This state-of-the-art facility adds momentum to our efforts towards boosting energy security, thus becoming Aatmanirbhar in this sector. @HardeepSPuri https://t.co/RtUCMHPkD4
— Narendra Modi (@narendramodi) January 6, 2026
पीएम मोदी के मुताबिक, इस तरह की तकनीक न सिर्फ देश की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करेगी, बल्कि आयात पर निर्भरता को भी कम करने में मददगार साबित होगी.
ऊर्जा सुरक्षा की यात्रा में मील का पत्थर
इससे पहले हरदीप सिंह पुरी ने जानकारी दी थी कि Hindustan Petroleum Corporation Limited की विशाख रिफाइनरी में इस फैसिलिटी का सफल संचालन भारत की ऊर्जा सुरक्षा की यात्रा में एक बड़ा मील का पत्थर है. उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu के दूरदर्शी नेतृत्व का नतीजा है, जो आत्मनिर्भर भारत के विजन को जमीन पर उतार रहा है.
पुरी ने यह भी बताया कि यह सुविधा स्वदेशी इंजीनियरिंग की शानदार मिसाल है. इसमें 2,200 मीट्रिक टन वजनी तीन एलसी-मैक्स रिएक्टर लगाए गए हैं, जिन्हें दुनिया के सबसे भारी इंजीनियरिंग ब्लॉकों में गिना जाता है. खास बात यह है कि इनका निर्माण और असेंबली पूरी तरह भारत में ही की गई है.
इस तकनीक पर आधारित
तकनीकी तौर पर देखें तो 3.55 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष क्षमता वाली यह फैसिलिटी एडवांस्ड रेसिड्यू हाइड्रोक्रैकिंग तकनीक पर आधारित है. इसकी मदद से कच्चे तेल के सबसे निचले और भारी हिस्से का लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा उच्च मूल्य वाले उत्पादों में बदला जा सकता है. इससे हर बैरल तेल का अधिकतम उपयोग संभव होगा और देश की ऊर्जा जरूरतों को ज्यादा कुशलता से पूरा किया जा सकेगा.
एचपीसीएल ने भी इसे कच्चे तेल के रिफाइनिंग तरीके में एक ऐतिहासिक बदलाव बताया है. कंपनी के अनुसार, यह दुनिया की पहली एलसी-मैक्स आधारित रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी है, जिससे पहले बेकार समझे जाने वाले भारी रेसिड्यू को अब उपयोगी ईंधन में बदला जा सकेगा. साफ है कि यह कदम भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत बनाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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