देश

‘राष्ट्र सर्वोपरि…’ मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर मुख्य इमाम ने खुलकर की तारीफ

ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के चीफ इमाम डॉक्टर उमर अहमद इलियासी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और देश के बदलते हालातों पर एक बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि पिछले 12 वर्षों में भारत लगातार मजबूत हुआ है और आज ‘विश्व गुरु’ बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. न्यूज एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत करते हुए मुख्य इमाम ने न सिर्फ देश के विकास पर बात की, बल्कि सड़कों पर नमाज पढ़ने के विवाद और आगामी त्योहारों को लेकर भी मुस्लिम समुदाय को बेहद साफ और कड़ा संदेश दिया है.

‘सबका साथ, सबका विकास’ सिर्फ राजनीतिक नारा नहीं: इलियासी

उमर अहमद इलियासी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिया हुआ नारा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ सिर्फ वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा नहीं है. ये असल में देश की एकता और सबको साथ लेकर चलने वाली हमारी बुनियादी भारतीय संस्कृति को दिखाता है.

उन्होंने देश के हर नागरिक से अपील करते हुए कहा, ‘हमारे लिए सबसे पहले हमारा देश है. राष्ट्र हमेशा सर्वोपरि रहना चाहिए. हम सभी को मिलकर भारत की एकता, अखंडता और तरक्की में अपना हाथ बंटाना होगा. आज पीएम मोदी के विजन की वजह से ही पूरी दुनिया में भारत का डंका बज रहा है और देश को एक नई वैश्विक पहचान मिली है.’

सड़कों पर नमाज को लेकर बड़ा बयान

पिछले कुछ समय से देश के अलग-अलग हिस्सों में सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर होने वाले विवादों पर भी मुख्य इमाम ने बिना किसी लाग-लपेट के अपनी स्पष्ट राय रखी. उन्होंने बेहद सीधे शब्दों में कहा कि इस्लाम में नमाज पढ़ने के कुछ बेहद कड़े नियम और शर्तें तय हैं.

इलियासी ने समझाया, ‘हर मुसलमान के लिए दिन में पांच वक्त की नमाज पढ़ना फर्ज है, लेकिन इसके लिए जगह का साफ-सुथरा होना और उससे भी ज्यादा ‘अनुमति प्राप्त’ होना सबसे जरूरी शर्त है. चाहे वह सरकारी जमीन हो या किसी की पर्सनल प्रॉपर्टी, बिना इजाजत के वहां नमाज पढ़ना मजहबी तौर पर भी सही नहीं है.’ उन्होंने आगे कहा कि जब केंद्र और राज्य सरकारों ने साफ कर दिया है कि ट्रैफिक और आम जनता को परेशान करके सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जा सकती, तो कानून का सम्मान करते हुए सभी को मस्जिदों या तय की गई जगहों पर ही इबादत करनी चाहिए.

गाइडलाइंस का पालन कर सौहार्द बनाए रखें

ईद-उल-अजहा (Bakrid) का जिक्र करते हुए चीफ इमाम ने कहा कि ये पवित्र पर्व त्याग, खुदा के प्रति समर्पण और समाज में आपसी भाईचारे का सबसे बड़ा प्रतीक है. इस्लाम में कुर्बानी की ये परंपरा ‘सुन्नत-ए-इब्राहीमी’ के तौर पर सदियों से निभाई जा रही है.

लेकिन, इसके साथ ही उन्होंने समाज को अपनी जिम्मेदारी याद दिलाते हुए कहा कि त्योहार की खुशियां मनाते समय सरकार और प्रशासन द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस का 100% पालन होना चाहिए. सरकारों ने साफ निर्देश दिए हैं कि जिन मवेशियों पर पाबंदी है, उनकी कुर्बानी बिल्कुल न दी जाए. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शांति, कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द का ध्यान रखते हुए एक जिम्मेदार नागरिक की तरह त्योहार मनाएं.

ये भी पढ़ें: लेट-लतीफी अब नहीं होगी बर्दाश्त; पीएम मोदी की ‘प्रगति’ बैठक के बाद राज्यों को दोटूक, बोले- तय समय पर पूरे हों विकास के काम

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

Recent Posts

अफसरशाही से जन-प्रतिनिधित्व तक: एके शर्मा ने कैसे बदली यूपी की बिजली और शहरी व्यवस्था

AK Sharma Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में एके शर्मा ने ऊर्जा और नगर विकास के…

16 minutes ago

मंदी का दौर खत्म! सोने-चांदी की कीमतों में फिर लौटी जोरदार तेजी; जानें आज के ताजा दाम

हफ्ते की शुरुआत में लुढ़कने के बाद अब सोने और चांदी की कीमतों में फिर…

27 minutes ago

अखबार पढ़कर बेटी ने पकड़ा तीर-कमान, पड़ोसी को देखकर बना तीरंदाज; अब भारत को दिलाया 8वां गोल्ड

Asian Games 2026 में चिकिथा तनिपार्थी और साहिल जाधव ने शूट-ऑफ में दक्षिण कोरिया को…

34 minutes ago

मोबाइल पर स्क्रैच से आगबबूला हुई ‘कलयुगी मां’, मासूम बच्चों को जमकर पीटा; CCTV ने खोला राज

Mother Beats Children: फरीदाबाद में मोबाइल स्क्रीन पर स्क्रैच आने से गुस्साई महिला पर 6…

40 minutes ago

दिल्ली जल बोर्ड में इंटर्नशिप का सुनहरा मौका, हर महीने मिलेंगे ₹15,000; 15 अक्टूबर से पहले करें अप्लाई

दिल्ली जल बोर्ड ने यंग एक्वा लीडर्स इंटर्नशिप प्रोग्राम 2026 की घोषणा कर दी है.…

41 minutes ago

कांग्रेस की CWC मीटिंग में इस नेता ने क्यों लिया नीतीश कुमार का नाम, सोनिया गांधी ने क्या कहा?

Congress CWC Meeting में नीतीश कुमार के INDIA गठबंधन से बाहर जाने को लेकर चर्चा…

59 minutes ago