India oil tanker jag laadki: मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के बीच भारत के लिए राहत खबर सामने आई है. पूरे विश्व में क्रूड ऑयल को लेकर चल रहे टेंशन के बीच कल यानी 17 मार्च को कच्चे तेल से भरा टैंकर 81 हजार टन तेल लेकर भारत पहुंचेंगा. हाल ही में भारत सरकार ने देश के लोगों को भरोसा दिलाया था कि यह तेल और गैस संकट जल्द खत्म हो जाएगा और मंगलवार को आ रहा यह टैंक इस बात का बड़ा संकते है.
मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर है. ईरान के युद्धग्रस्त होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरकर तिरंगा लगा पहला भारतीय जहाज “शिवालिक” सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंच गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान (Masoud Pezeshkian) के बीच हुई बातचीत के बाद ईरान ने भारतीय जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी. इसी के तहत एलपीजी टैंकर “शिवालिक” पहला जहाज बना, जिसे होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने दिया गया.
इसके बाद दूसरे एलपीजी टैंकर “नंदा देवी” को भी इसी रास्ते से भारत आने की मंजूरी मिल गई. अब तीसरा जहाज “जग लाडकी” भी “नंदा देवी” के पीछे-पीछे भारत की ओर बढ़ रहा है. यह एक तेल टैंकर है, जो कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा है.
भारत सरकार से मिली जानकारी के अनुसार, 81000 टन कच्चा तेल लेकर आ रहा जहाज स्टेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) को सफलतापूर्वक पार कर चुका है. जिसके बाद यह उम्मीद लगाई जा रही है कि मंगलवार (17 मार्च) तक जहाज गुजरात मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच जाएगा.
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जंग लाडकी (Jag Laadki) नाम का एक टैंकर शनिवार (14 मार्च) को UAE से भारत के लिए रवाना हुआ था. इस टैंकर में मुरबन क्रूड ऑयल लदा हुआ है. जहाज पर लगा भारतीय धव्ज तिरंगा और उस पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं.
शिपिंग मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि जहाज और उस पर मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं. सरकार की नजर स्टेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर बनी हुई है, क्योंकि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है.
रिपोर्ट्स के अनुसार मिडिल-ईस्ट और भारत के बीच समुद्री मार्ग पर अभी भी कई भारतीय जहाज मौजूद हैं. सरकार उनकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर लगातार प्रयास कर रही है. कुछ जहाजों को कूटनीतिक तरीके से आगे बढ़ने की अनुमति भी दी जा रही है.
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81 हजार टन कच्चा तेल लेकर आ रहा यह टैंकर भारत के लिए राहत की खबर है. इससे देश की ऊर्जा आपूर्ति पर तत्काल दबाव कम होगा. सरकार के मुताबिक फिलहाल देश में कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता है और रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं.
जानकारी के मुताबिक 81,000 टन कच्चा तेल करीब 3 घंटे की राष्ट्रीय खपत के बराबर है. भारत में तेल की मांग लगभग 5.5 से 6 मिलियन बैरल प्रति दिन है, यानी देश में रोजाना करीब 8 लाख टन तेल की खपत होती है.
-भारत एक्सप्रेस
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