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भारत की पहली महिला राफेल पायलट अब बनाएंगी अगली पीढ़ी के फाइटर पायलट

वाराणसी की बेटी विंग कमांडर शिवांगी सिंह ने एक बार फिर इतिहास रचा है. देश की पहली एकमात्र महिला रफाल पायलट (India first female Rafale pilot) अब भारतीय वायुसेना के भावी फाइटर पायलटों को तैयार करने वाली ट्रेनर बन गई हैं.

हाल ही में उन्हें हॉक एडवांस्ड जेट ट्रेनर (Hawk AJT) बेड़े में ट्रांजिशन कर दिया गया है, जहां उनकी जिम्मेदारी प्रशिक्षु पायलटों को उच्च स्तर का कॉम्बैट ट्रेनिंग देना होगी. यह नया पद उन्हें सीधे अगली पीढ़ी के फाइटर पायलट तैयार करने की कमान सौंपता है.

सफर की शुरुआत से शिखर तक

2017 में भारतीय वायुसेना की दूसरी बैच की महिला फाइटर पायलट के रूप में कमीशन होने के बाद शिवांगी सिंह ने अपना करियर सबसे चुनौतीपूर्ण विमानों में से एक, MiG-21 बाइसन से शुरू किया. कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने असाधारण कौशल दिखाया.

2020 में जब भारत ने फ्रांस से पहली खेप के रफाल फाइटर जेट प्राप्त किए, तब अंबाला एयरबेस की 17वीं स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज’ में शामिल होकर शिवांगी ने रफाल पर उड़ान प्रशिक्षण लिया. वे पूरे इंडक्शन फेज़ में रफाल उड़ाने वाली देश की इकलौती महिला पायलट बनीं.

उनके ऑपरेशनल अनुभव में हाई-टेम्पो मिशन, बड़े पैमाने पर वायुसेना अभ्यास, फ्रंटलाइन ऑपरेशंस और अंतरराष्ट्रीय अभ्यास शामिल रहे हैं. इसी साल जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रफाल में सॉर्टी की थी, तब भी शिवांगी सिंह उस स्क्वाड्रन का महत्वपूर्ण हिस्सा थीं.

सबसे कठिन कोर्स को किया पार

हाल ही में उन्होंने तांबरम एयर फोर्स स्टेशन में Flying Instructors’ Course (FIC) सफलतापूर्वक पूरा किया. यह कोर्स भारतीय वायुसेना का सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रम माना जाता है, जिसमें केवल चुनिंदा पायलट ही सफल हो पाते हैं. इस कोर्स के बाद उन्हें Qualified Flying Instructor (QFI) का दर्जा मिला है.

नई पीढ़ी को दिशा देंगी

अब विंग कमांडर शिवांगी सिंह हॉक AJT पर प्रशिक्षु पायलटों को बेसिक से लेकर एडवांस्ड कॉम्बैट मैन्यूवर्स तक सिखाएंगी. रफाल जैसे 4.5 जेनरेशन फाइटर का गहरा अनुभव रखने वाली एक महिला प्रशिक्षक का होना न केवल तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि आने वाली महिला फाइटर पायलटों के लिए यह एक जीता-जागता प्रेरणा स्रोत भी है.

शिवांगी सिंह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना में महिला सशक्तिकरण की सबसे चमकदार मिसाल हैं. उन्होंने साबित कर दिया कि आकाश की ऊंचाईयों में कोई सीमा नहीं होती.

भारतीय आसमान अब और सुरक्षित और प्रेरणादायक है क्योंकि शिवांगी सिंह जैसी बेटियां इसे नई दिशा दे रही हैं.

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-भारत एक्सप्रेस

विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार

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