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स्मार्ट ग्रिड से थर-थर कांपेंगे घुसपैठिए! अमित शाह का प्लान- भारत की सरहद पर अब परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर

Quadrangular Security Grids: भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है. पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगती देश की करीब 6,000 किलोमीटर लंबी सरहद पर अब ऐसा पहरा बैठने जा रहा है, जिसे भेद पाना दुश्मनों के लिए नामुमकिन होगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मेगा प्लान के तहत इन सीमाओं पर चार-स्तरीय ‘स्मार्ट सुरक्षा ग्रिड’ तैयार किया जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि इस साल के आखिर तक भारत की सीमाएं इजरायल जैसी हाई-टेक तकनीक से लैस हो जाएंगी, जिसके बाद वहां परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा.

क्या है अमित शाह का 4-लेयर सुरक्षा प्लान?

हाल ही में हुए पहले जमीनी सीमा सम्मेलन में सीमावर्ती जिलों के 119 पुलिस कप्तानों (SP) और कलेक्टर्स के साथ मंथन के बाद इस योजना को हरी झंडी दी गई है. इस चार-स्तरीय सुरक्षा चक्र में सात मुख्य बिंदु और 33 उप-बिंदु शामिल हैं.

इस चक्र के चार मजबूत हिस्से होंगे:

  • केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियां
  • सीमाओं पर तैनात बीएसएफ जैसी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF)
  • राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का स्थानीय प्रशासन
  • सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले स्थानीय लोग

ड्रोन और सुरंगों का काल बनेगी यह तकनीक

इस ‘स्मार्ट बॉर्डर’ प्रोजेक्ट को दिसंबर 2026 से पहले पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य है. इसके तहत सीमाओं पर एंटी-ड्रोन सिस्टम, हाई-रिजोल्यूशन कैमरे, थर्मल इमेजिंग, जमीन के नीचे हलचल पकड़ने वाले सेंसर्स और एंटी-टनलिंग सिस्टम लगाए जाएंगे. इसके अलावा, ग्रिड का एक बड़ा हिस्सा ‘आतंकरोधी मोर्चे’ पर काम करेगा. केंद्रीय एजेंसियां और राज्य पुलिस मिलकर साइबर क्राइम, हथियारों की तस्करी, नार्को-टेरर और सीमावर्ती इलाकों में डेमोग्राफी में होने वाले संदिग्ध बदलावों पर पैनी नजर रखेंगी.

क्यों पड़ी हाई-टेक सिस्टम की जरूरत?

भारत की पाकिस्तान के साथ 3,233 किमी और बांग्लादेश के साथ 4,096.7 किमी लंबी सीमा है. गृह मंत्री के मुताबिक, नदी, पहाड़ों और जंगलों से घिरी इतनी जटिल सरहद की सुरक्षा केवल पारंपरिक फेंसिंग या जवानों के भरोसे नहीं की जा सकती. आए दिन ड्रोन से होने वाली हथियारों और ड्रग्स की तस्करी, जाली नोट, मवेशी तस्करी और अवैध घुसपैठ जैसे खतरों को जड़ से मिटाने के लिए ही इस अत्याधुनिक ग्रिड को तैयार किया गया है. सिस्टम चालू होने के बाद खुद केंद्रीय गृह सचिव हर छह महीने में और आईबी चीफ हर तीन महीने में इसकी सुरक्षा समीक्षा करेंगे.

ये भी पढ़ें: मवेशियों को कुचला, राहगीरों को उड़ाया…, राजस्थान में बेकाबू ट्रेलर ने मचाया तांडव

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

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