देश

इंदौर पुलिस का कारनामा: ‘चखना’ टेस्ट में बताया ‘MD ड्रग्स’, 3 लोगों को 11 माह जेल में रखा; अब निकला यूरिया

Indore Police Fake Drug Case: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर की पुलिस को एक साल पुरानी कार्रवाई के चलते भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है. करीब एक साल पहले इंदौर के तेजाजी नगर थाने (Indore Police) ने अपनी पीठ थपथपाते हुए दावा किया था कि उन्होंने 2 करोड़ रुपये कीमत की MD ड्रग्स जब्त की है. लेकिन अब फॉरेंसिक जांच में जो सच सामने आया है, उसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. वह ‘सफेद पाउडर’ ड्रग्स नहीं, बल्कि खेतों में इस्तेमाल होने वाला यूरिया (Urea) निकला.

पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2 करोड़ रुपये कीमत की एमडी ड्रग्स पकड़ी है. इस मामले में तीन लोगों को आरोपी बनाया गया था. हैरानी की बात यह थी कि इनमें आजाद नगर थाने का आरक्षक लखन गुप्ता (Constable Lakhan Gupta) भी शामिल था. उन पर ड्रग पेडलर्स की मदद करने का आरोप था. सभी आरोपियों पर NDPS एक्ट की गंभीर धाराएं लगाई गईं और उन्हें जेल भेज दिया गया. मुख्य आरोपी करीब 11 महीने तक जेल में रहे, जबकि आरक्षक लखन गुप्ता ने 15 दिन जेल में बिताए.

लैब रिपोर्ट ने पलटा पूरा खेल

जब जब्त किए गए पदार्थ की जांच रिपोर्ट आई, तो पुलिस के होश उड़ गए. पुलिस ने सैंपल भोपाल की सेंट्रल फॉरेंसिक लैब भेजा. वहां से रिपोर्ट आई कि यह ड्रग्स नहीं, यूरिया है. वकीलों की आपत्ति और कोर्ट के आदेश के बाद सैंपल दोबारा जांच के लिए सेंट्रल लैब हैदराबाद भेजा गया. वहां की रिपोर्ट ने भी पुष्टि की कि यह ‘पोटेशियम नाइट्रेट’ (खाद का एक प्रकार) है, ड्रग्स नहीं.

आरोपियों को किया गया बरी

दोनों लैब रिपोर्ट्स में ड्रग्स की पुष्टि न होने पर कोर्ट ने इसे पुलिस की बड़ी चूक माना और सभी आरोपियों को बरी कर दिया. इस फजीहत के बाद वर्तमान DCP कृष्ण लालचंदानी (Krishna Lalchandani) ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि जब आरोपियों को पकड़ा गया था, तब मौके पर पुलिस के पास टेस्टिंग किट नहीं थी.

ये भी पढ़ें: बदलेगी विदर्भ की सूरत: नागपुर बनेगा इंटरनेशनल एविएशन हब, जीत अडानी का बड़ा ऐलान

डीसीपी का कहना है कि अक्सर ड्रग तस्कर अपने खरीदारों को धोखा देने के लिए ड्रग्स की जगह यूरिया या अन्य पाउडर थमा देते हैं. पुलिस ने ईमानदारी से कार्रवाई की थी, लेकिन लैब रिपोर्ट के आधार पर खुद पुलिस ने ही प्रतिवेदन पेश कर आरोपियों को बरी करवाया.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

PM मोदी ने पैरा खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला, बोले- हिम्मत हो तो कोई मंजिल दूर नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन पैरा गेम्स के पदक विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनके…

13 minutes ago

हजारों घर खरीदारों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, अब मिल सकेगी फ्लैट की रजिस्ट्री; बिल्डर को लगाई फटकार

Parshvnath Developers: सुप्रीम कोर्ट ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स के प्रोजेक्ट्स में घर खरीदने वाले सत्यापित आवंटियों…

13 minutes ago

5 शहरों से 26 शहरों तक पहुंचा मेट्रो नेटवर्क, रोज 1 करोड़ से ज्यादा लोग कर रहे सफर- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में भारत में केवल 248 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क था,…

29 minutes ago

पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, हाई पावर्ड कमेटी को एक महीने में रिपोर्ट देने का आदेश

Supreme Court Jantar Mantar Police Action: दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस…

33 minutes ago

दिल्ली दंगा साजिश केस: शरजील इमाम ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा, हाई कोर्ट से नहीं मिली थी जमानत

दिल्ली दंगा 2020 की साजिश के आरोपी शरजील इमाम ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले…

51 minutes ago