देश

पाकिस्तान का Hangor हो या Ghazi! समंदर की गहराइयों में कब्र खोदने आ गया नौसेना का ‘INS मालवन’

हिंद महासागर और अरब सागर की लहरों में अपनी नापाक निगाहें टिकाए बैठे पाकिस्तान और उसके नापाक मंसूबों के लिए भारतीय नौसेना ने मौत का नया फरमान(INS Malvan Commissioned) जारी कर दिया है. दरअसल बुधवार को कर्नाटक के करवार नौसैनिक अड्डे पर ‘माहे क्लास’ एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) श्रृंखला का दूसरा महाघातक युद्धपोत ‘INS मालवन’ औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना में शामिल हो गया है.

बता दें कि वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह की मौजूदगी में कमीशन किए गए इस युद्धपोत के आने के बाद अब पाकिस्तान अपनी पुरानी ‘हैंगोर’ चलाए या 1971 जैसी ‘गाजी’ (Ghazi) भेजने का दुस्साहस करे, उसे समंदर की उथली गहराइयों में ही जलसमाधि दे दी जाएगी.

छिपकर वार करने वाले दुश्मनों का काल(INS Malvan Commissioned)

अक्सर देखा गया है कि दुश्मन देश की पनडुब्बियां तटीय इलाकों और उथले समुद्री क्षेत्रों में छिपकर भारत की समुद्री सीमाओं में सेंध लगाने की फिराक में रहती हैं. लेकिन 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी तकनीक और अत्याधुनिक ‘सोनार सिस्टम’ से लैस INS मालवन इसी तरह के छिपकर वार करने वाले दुश्मनों का काल है.

वहीं कोच्चि स्थित कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा निर्मित यह कॉम्पैक्ट युद्धपोत न केवल आकार में फुर्तीला है बल्कि बेहद कम समय में दुश्मन की पनडुब्बी की सटीक लोकेशन ट्रेस करके उसे भारी-भरकम टॉरपीडो और हथियारों से चुटकियों में तबाह कर सकता है.

इतिहास दोहराने की हिम्मत न करे पाकिस्तान

पाकिस्तान अपनी चीनी मदद से बनी ‘हैंगोर’ क्लास सबमरीन्स को लेकर भले ही कितना ही ढोल पीट ले, लेकिन भारतीय नौसेना के इस नए ‘सबमरीन किलर’ की रेंज में आते ही उसकी हवा निकलना तय है. भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत बना यह 80% स्वदेशी युद्धपोत भारत की उस बढ़ती सैन्य ताकत का प्रतीक है, जो दुश्मन को उसी के घर में घुसकर पानी पिलाने का माद्दा रखती है.

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भारतीय नौसेना की पनडुब्बी रोधी क्षमता में भारी इजाफा

बताते चलें हिंद महासागर क्षेत्र में पाकिस्तान और उसकी सरपरस्त ताकतों की पनडुब्बी गतिविधियों को बेअसर करने के लिए INS मालवन की कमीशनिंग बेहद रणनीतिक समय पर हुई है. यह अपनी असाधारण रफ्तार, सटीक मारक क्षमता और लंबे समय तक गश्त लगाने की ताकत के दम पर यह स्वदेशी युद्धपोत भारत के तटीय इलाकों का अभेद्य कवच बन गया है.

-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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