Jabalpur Bargi Dam Cruise Accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित बरगी डैम (Bargi Dam) में गुरुवार शाम हुए क्रूज बोट हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. अचानक आई तेज आंधी ने किनारे से महज 300 मीटर की दूरी पर मौत का ऐसा तांडव मचाया कि पल भर में ही पर्यटन विभाग का 60 सीटर क्रूज 20 फीट गहरे पानी में समा गया. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि 24 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है. वहीं, 9 लोगों की तलाश में अभी भी मौत और जिंदगी के बीच जद्दोजहद जारी है.
शुक्रवार सुबह सेना (Army), एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय गोताखोरों ने फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन तेज किया. बचाव में लगे एक कर्मी ने जो मंजर बयां किया, वह रूह कंपा देने वाला है. उन्होंने बताया कि क्रूज बोट पूरी तरह उल्टी पड़ी हुई है और पानी के अंदर ‘विजिबिलिटी’ लगभग शून्य है.
एक मां और बच्चे को एक साथ निकालना बहुत मुश्किल हो गया था. मां ने अपने बच्चे को मजबूती से पकड़ा हुआ था और दोनों को एक साथ उस छोटे से रास्ते से बाहर निकालना लगभग असंभव हो रहा था. बचाव कर्मी ने बताया. क्रूज के अंदर जगह बहुत कम है, खिड़कियां छोटी हैं और ग्रिल के बीच शव फंसे हुए हैं, जिन्हें अंदाजे से निकाला जा रहा है.
हादसे की भयावहता को देखते हुए हैदराबाद से एक स्पेशल टीम और हेलिकॉप्टर रवाना किया गया है. वहीं, कोलकाता से पैरामिलिट्री की एक विशेष टीम जबलपुर पहुंच चुकी है. हाइड्रॉलिक मशीनों और पोकलेन की मदद से उल्टे पड़े क्रूज को सीधा करने और बाहर निकालने की कोशिशें की जा रही हैं.
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इस हादसे में खमरिया स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी कामराज आर्य के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. वे परिवार के 15 लोगों के साथ घूमने गए थे. कामराज के माता-पिता तो किनारे पर बैठे थे, लेकिन कामराज, उनकी पत्नी, भाभी और बच्चे क्रूज में सवार थे. कामराज के एक बेटे को बचा लिया गया है, लेकिन वे, उनकी पत्नी और एक बेटा अभी भी लापता हैं.
क्रूज के पायलट महेश का कहना है कि सुरक्षा के इंतजाम थे, लेकिन तूफान इतना तेज था कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला. पर्यटन विभाग के अधिकारी योगेंद्र रिछारिया के अनुसार, यह क्रूज 2006 (करीब 20 साल पुराना) का बना हुआ था.
इस दर्दनाक हादसे के बीच प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी का एक हैरान करने वाला बयान भी सामने आया. जबलपुर पहुंचने पर जब उनसे सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि ‘नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक है, उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है.’ इस बयान ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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