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Bihar Politics: “14 जनवरी के बाद विधानसभा भंग कर सकते हैं नीतीश कुमार”, जीतन राम मांझी ने बताई इसके पीछे की गणित

Jitan Ram Manjhi: बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि 14 जनवरी के बाद बिहार में सियासी उथल-पुथल मचेगा. खरमास के बाद परिस्थिति के अनुसार नीतीश कुमार पलटी मारेंगे. जीतन राम मांझी ने इस दौरान नीतीश कुमार की पुरानी बातों का भी जिक्र किया.

पहले NDA का हिस्सा थे नीतीश कुमार

पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार पहले NDA का हिस्सा थे, लेकिन बाद में बहाना बनाकर महागठबंधन में चले गए. तेजस्वी यादव पर चार्जशीट होने पर स्थिति को स्पष्ट करने केलिए कहा और जब नहीं हुआ तो फिर से एनडीए के साथ आ गए. आज भी वही स्थिति उनके साथ बरकरार है. तेजस्वी यादव समेत उनके पूरे परिवार पर चार्जशीट की बातें सामने आई हैं.

तेजस्वी को सीएम बनाएं नीतीश

हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के मुखिया जीतनराम मांझी ने आगे कहा कि लालू प्रसाद यादव का दबाव है और RJD के लोग भी चाहते हैं कि नीतीश कुमार तेजस्वी को सीएम पद की कुर्सी सौंपेंगे, लेकिन नीतीश कुमार किसी भी परिस्थिति में मुख्यमंत्री की कुर्सी से उतरने वाल नहीं हैं. ऐसे में सिर्फ एक विकल्प ही बचता है कि 14 जनवरी के बाद नीतीश कुमार पलटी मारकर एनडीए में शामिल हो जाएंगे, लेकिन वहां का दरवाजा बंद है. ऐसे में स्वतंत्र रूप से लोकसभा चुनाव लड़ने की बात करेंगे और विधानसभा को भंग कर सकते हैं.

नीतीश कुमार भंग कर सकते हैं विधानसभा- मांझी

जीतन राम मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार को लग रहा है कि लोकसभा चुनाव में उन्हें कई सीटों पर जीत मिलेगी, विधानसभा में भी ठीक-ठाक सीटें जीत लेंगे और कार्यकारी सीएम के रूप में भी बने रहेंगे. इसके साथ ही राष्ट्रपति शासन भी नहीं लग सकता. नीतीश कुमार शायद ऐसा ही सोचकर विधानसभा भंग कर सकते हैं. अगर विधानसभा को भंग करते हैं तो 18 महीने का समय उनके पास रहेगा. विधानसभा का नियम होता है कि जब 6 महीने का चुनाव में वक्त बचा रहता है तभी राष्ट्रपति शासन लागू होता है.

यह भी पढ़ें- Jammu And Kashmir: जम्मू-कश्मीर के पू्र्व सीएम फारूक अब्दुल्ला को ED ने भेजा समन, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आज होगी पूछताछ

बता दें कि पिछले कुछ समय से बिहार की राजनीति में तमाम तरह की अटकलें और उठा-पटक चल रही है. जेडीयू के अध्यक्ष पद से ललन सिंह को हटाकर नीतीश कुमार का अध्यक्ष बनना. नीतीश कुमार के एनडीए में शामिल होने की चर्चाएं भी तेज हैं. फिलहाल इन बातों में कितनी सच्चाई है ये लोकसभा चुनाव से पहले साफ हो जाएगा.

-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

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