(PC: भारत एक्सप्रेस)
Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर/रवि शर्मा: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की सतर्कता बढ़ी है. कठुआ में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने की सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू किया है. वहीं, जम्मू के बाहरी इलाकों में भी संभावित आतंकी खतरे को देखते हुए SOG ने बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया. दूसरी ओर, राजौरी पुलिस ने 2022 के जगलानू ब्रिज IED ब्लास्ट मामले में पाकिस्तान/PoJK में बैठे एक आरोपी समेत चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
कठुआ के चन्न लाल दीन गांव में बीती शाम एक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने की सूचना सामने आई. स्थानीय लोगों ने ड्रोन को देखने के बाद इसकी जानकारी तुरंत सुरक्षा बलों को दी.
सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया. सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध ड्रोन की गतिविधि और उसके संभावित मार्ग को लेकर इलाके में जांच कर रही हैं.
इसी बीच जम्मू के बाहरी इलाकों में सुरक्षा बलों ने भी बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया है. SOG के जवानों ने महामाया मंदिर के आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया. तलाशी अभियान के दौरान SOG के जवान ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद ले रहे हैं. संभावित आतंकी खतरे को देखते हुए सुरक्षा बल जंगल और आसपास के इलाकों को खंगाल रहे हैं.
राजौरी पुलिस ने 19 अप्रैल 2022 को पुलिस थाना कंडी के अधिकार क्षेत्र में जगलानू ब्रिज के नीचे हुए IED ब्लास्ट मामले में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. इस विस्फोट में दो गैर-स्थानीय मजदूर घायल हुए थे.
यह चार्जशीट थाना कंडी में दर्ज FIR नंबर 33/2022 के तहत दाखिल की गई है. पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों की पहचान तालिब हुसैन शाह, मोहम्मद सादिक और मोहम्मद शबीर, सभी निवासीh द्राज, तहसील कोटरंका, जिला राजौरी के रूप में हुई है. वहीं चौथा आरोपी मोहम्मद कासिम उर्फ सलमान उर्फ सुलेमान पाकिस्तान/PoJK से सक्रिय बताया गया है और फरार है.
पुलिस के अनुसार, आरोपी पर UAPA, IPC और Explosive Substances Act की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
जांच के दौरान राजौरी पुलिस ने दावा किया कि साजिश पाकिस्तान/PoJK में बैठे हैंडलर मोहम्मद कासिम उर्फ सलमान उर्फ सुलेमान से जुड़ी थी. पुलिस के अनुसार, वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सक्रिय सदस्य और नामित आतंकवादी है तथा एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन एप्लीकेशन के जरिए आरोपी तालिब हुसैन शाह के संपर्क में था.
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने लंबरि के जंगलों में ड्रोन के जरिए गिराए गए हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और नकदी की खेपें हासिल कीं और उन्हें द्राज इलाके में बनाए गए ठिकानों तक पहुंचाया. इसके बाद जगलानू ब्रिज के नीचे IED विस्फोट की साजिश रची गई थी.
राजौरी पुलिस ने कहा है कि आतंकवाद के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े तंत्र को खत्म करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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