देश

JNU में फिर संग्राम’! उमर खालिद की किस ‘विवादित किताब’ पर भिड़े लेफ्ट और ABVP?

दिल्ली का जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर छात्र राजनीति और भारी ड्रामे का अखाड़ा बन गया है. जेल में बंद जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद (Umar Khalid) की किताब “Fractured Communities: Adivasi Histories and the Politics of Power” के प्रस्तावित विमोचन (बुक डिस्कशन) को लेकर कैंपस में ‘महा-बवाल’ मच गया है. हालात तब बेकाबू हो गए जब लेफ्ट (Left) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े छात्र आमने-सामने आ गए और पूरे कैंपस में तीखी नारेबाजी शुरू हो गई.

“रिहा करो” से लेकर “फांसी दो” तक की नारेबाजी

बुक डिस्कशन के दौरान कैंपस का माहौल पूरी तरह गर्म हो गया. लेफ्ट से जुड़े छात्रों ने जहां उमर खालिद और शरजील इमाम की रिहाई की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की, वहीं दूसरी तरफ ABVP ने तगड़ा मोर्चा खोल दिया. ABVP छात्रों ने उमर खालिद के खिलाफ ‘खालिद आतंकवादी है’ और ‘फांसी दो’ के नारे लगाए. इसके साथ ही उन्होंने खालिद के पिता के आतंकवादी संगठन SIMI से रिश्तों के पोस्टर लहराए और कश्मीर, बांग्लादेश व संदेशखाली में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का मुद्दा भी उठाया.

रद्द हुई ऑडिटोरियम की बुकिंग

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब JNU प्रशासन ने सख्त एक्शन लेते हुए इस कार्यक्रम के लिए बुक किए गए SSS-I ऑडिटोरियम की बुकिंग निरस्त कर दी. प्रशासन ने बकायदा एक पत्र जारी कर कहा कि JNUSU (छात्रसंघ) ने 10 अगस्त को होने वाले इस कार्यक्रम को “आदिवासी दिवस” का नाम दिया था, लेकिन इसके असली तथ्यों (उमर खालिद की किताब का विषय) को छिपाया गया था. डीन की मंजूरी के बाद तुरंत इस बुकिंग को रद्द कर दिया गया.

ये भी पढ़ें: खेत में गाड़े 5 लाख रुपये, दीमक कर गई चट! बारिश ने खोला किसान का राज; देखें वीडियो

JNUSU की जिद, खुले आसमान के नीचे कार्यक्रम

प्रशासन के इस एक्शन के बावजूद JNUSU पीछे हटने को तैयार नहीं हुआ. छात्रसंघ ने ऐलान किया कि भले ही ऑडिटोरियम न मिले, लेकिन कार्यक्रम तय समय पर SSS-2 के बाहर खुले परिसर में होगा. इस विवादित बुक डिस्कशन में प्रो. उमा चक्रवर्ती, हर्ष मंदर, शुद्धब्रत सेनगुप्ता जैसे कई वक्ताओं के शामिल होने की खबर है. फिलहाल लेफ्ट और ABVP की इस जबरदस्त भिड़ंत ने JNU कैंपस के माहौल को पूरी तरह से गरमा दिया है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

निजाम की जिद, रजाकारों का अत्याचार और भारत में विलय: पढ़ें हैदराबाद के एकीकरण की पूरी दास्तान

आजादी के समय हैदराबाद को भारत में मिलने से रोकने वाले रजाकार कौन थे? जानिए…

5 minutes ago

महज एक नेता नहीं, सादगी की मिसाल थे भोला पासवान शास्त्री; जानिए क्यों आज भी प्रासंगिक है उनकी कहानी

बिहार की राजनीति का जिक्र आते ही अक्सर बड़े-बड़े काफिले और सत्ता का रुआब आंखों…

8 minutes ago

गिरफ्तार होते ही पहला सवाल क्या पूछना है? सुप्रीम कोर्ट ने बता दिया वो मंत्र जिससे बच जाएगी जमानत

Supreme Court Arrest Rules: क्या पुलिस आपको बिना कुछ लिखे गिरफ्तार कर सकती है? सुप्रीम…

16 minutes ago

बप्पा की भक्ति या पर्यावरण से खिलवाड़? UK की नदी में विसर्जन का वीडियो देख भड़के लोग

Ganesh Visarjan In UK: ब्रिटेन से सामने आया गणेश विसर्जन का एक कथित वीडियो सोशल…

20 minutes ago

किसी को भी गिरफ्तार करने से पहले पुलिस को मानने होंगे यह 5 नियम, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी नियमों को सख्त बनाते हुए आदेश दिया है कि अब पुलिस…

22 minutes ago

शाहजहांपुर में बुजुर्ग की चिता पर क्यों पकाया चिकन? पुलिस के सामने आया खौफनाक सच

Shahjahanpur Burning Funeral Pyre Meat: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से अजीब ही मामला सामने आया…

26 minutes ago