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Women’s Reservation Bill: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की राहुल गांधी से बात, कांग्रेस बोली- इंडिया ब्लॉक से चर्चा के बाद तय होगा रुख

Women’s Reservation Bill: केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए विपक्ष का समर्थन जुटाने की कोशिश तेज कर दी है. इसी कड़ी में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से फोन पर बातचीत की और प्रस्तावित परिसीमन बिल को दोबारा पेश करने के लिए सहयोग मांगा है.

सूत्रों के अनुसार, रिजिजू की कोशिश थी कि इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच बनी दूरी को कम किया जा सके. मानसून सत्र के दौरान राहुल गांधी से इस मामले में बातचीत करने की यह उनकी तीसरी कोशिश बताई जा रही है. सरकार चाहती है कि विपक्ष के सहयोग से विधेयक को जल्द आगे बढ़ाया जाए, ताकि महिला आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो सके.

रिजिजू ने बातचीत के दौरान राहुल गांधी के सामने यह बात रखी कि अगर महिला आरक्षण को लागू करने में देरी होती है, तो इससे महिलाओं के बीच नाराजगी बढ़ सकती है. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने इस बातचीत में कोई अंतिम आश्वासन नहीं दिया. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस के सहयोगियों और इंडिया ब्लॉक के अन्य दलों से चर्चा करने के बाद ही पार्टी अपना स्पष्ट रुख बताएगी.

राहुल गांधी ने संकेत दिया कि विपक्षी दलों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा. इसके बाद ही सरकार की पहल पर कोई प्रतिक्रिया दी जाएगी.

कांग्रेस ने पहले भी जताई है आपत्ति

इस बीच कांग्रेस ने साफ किया है कि परिसीमन बिल को लेकर उसका रुख अभी बदला नहीं है. कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने बुधवार को संसद परिसर में कहा कि पार्टी पहले जिस स्थिति में थी, उसी पर कायम है. उन्होंने कहा कि किरेन रिजिजू विपक्ष की राय जानना चाहते थे और इस मुद्दे पर चर्चा के लिए समय मांगा गया है.

वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस का रुख पूरी तरह स्पष्ट है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है.

इससे पहले बजट सत्र के दौरान संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 लोकसभा में पारित नहीं हो सका था. विपक्ष ने इस बिल का विरोध किया था. कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने उस समय कहा था कि विपक्ष को चिंता थी कि महिला आरक्षण के नाम पर देश के राजनीतिक और जनसांख्यिकीय ढांचे में बदलाव करने की कोशिश की जा सकती है.

हालांकि, विपक्ष का कहना था कि अगर महिला आरक्षण को मौजूदा संसदीय सीटों के ढांचे के भीतर लागू किया जाता है, तो वह इसका समर्थन करने के लिए तैयार है.

इंडिया ब्लॉक में भी मतभेद की स्थिति

मानसून सत्र से पहले परिसीमन बिल को लेकर इंडिया ब्लॉक के भीतर भी अलग-अलग राय सामने आई थी. प्रस्तावित विधेयक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण को परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया था.

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-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

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