कोलकाता। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान आयोग (एनसीएमईआई) के कार्यकारी अध्यक्ष और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. (डॉ.) शाहिद अख्त़र ने शनिवार को कोलकाता के राजारहाट में एमआरएम के पश्चिम बंगाल क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एमआरएम का मिशन हिन्दू और मुसलमान को एकजुट करना, नफ़रत और कट्टरता को ख़त्म करना तथा देश के विकास में हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्यालय का उद्घाटन
अपने संबोधन में डॉ. शाहिद अख्त़र ने कहा, “हमारा मिशन है कि हिन्दू और मुसलमान पहले भी एक थे, एक हैं और एक रहेंगे। जो लोग हिन्दू और मुसलमान को दो अलग-अलग समुदाय बताते हैं, हम उनसे यह कहना चाहते हैं कि हम एक बनें, नेक बनें और ‘एक हिन्द’ और ‘जय हिन्द’ का नारा गुंजाने वाले मुस्लिम राष्ट्रीय मंच हैं।” उन्होंने कहा कि एमआरएम देश में अमन चाहता है और नफरत फैलाने वाली ताक़तों—चाहे वे बाहरी हों या आंतरिक—का डटकर मुक़ाबला करेगा।
नारी शिक्षा और सामाजिक समरसता पर ज़ोर
कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ता अली अफ़जाल चांद ने नारी शिक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि घर-घर में ‘पापिया सुल्ताना’ तैयार करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा, “हमारा एक ही मिशन है—देशभक्त बनो। भारत में रहना है, भारत में खाना है, भारत में सोना है, तो भारत माता की संतान बनकर जियो।” बैठक में संगठन की भावी कार्ययोजना, संगठनात्मक ढांचे को मज़बूत करने और आम जनता तक एमआरएम का संदेश पहुंचाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
जामिया हमदर्द के रजिस्ट्रार कर्नल ताहिर मुस्तफ़ा भी रहे मौजूद
इस अवसर पर जामिया हमदर्द के रजिस्ट्रार और एमआरएम के इंटेलेक्चुअल फ़ोरम के प्रमुख कर्नल ताहिर मुस्तफ़ा ने भी संबोधित किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि देशभक्ति और अनुशासन ही समाज को आगे बढ़ाने का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण ज़रूरी है, ताकि युवा राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें। बता दें कि कर्नल ताहिर मुस्तफ़ा भारतीय सेना के अनुभवी अधिकारी रहे हैं और वर्तमान में जामिया हमदर्द में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प
डॉ. अख्त़र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, जिसमें मुस्लिम समाज समेत हर भारतीय का योगदान आवश्यक है। उन्होंने कहा, “हमारा मिशन से एक क़दम आगे बढ़कर यह है कि 2047 में जब भारत विकसित राष्ट्र बने, तो उसमें मुसलमानों का भी गर्व के साथ योगदान हो।” उन्होंने बंगाल की धरती को समृद्ध बताते हुए कहा कि यहां से सुभाष चंद्र बोस, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और रवींद्रनाथ ठाकुर जैसे महान व्यक्तित्व निकले हैं, जिन्होंने देश के लिए अमूल्य योगदान दिया है।
डॉ. शाहिद अख्त़र का पश्चिम बंगाल दौरा
ग़ौरतलब है कि एनसीएमईआई के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में डॉ. शाहिद अख्त़र 02 अक्टूबर को कोलकाता पहुंचे थे। अपने दौरे के दौरान उन्होंने धनधान्य ऑडिटोरियम में ‘राष्ट्रीय सद्भाव’ विषय पर आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और अल्पसंख्यकों के शैक्षिक अधिकारों पर आयोजित राज्य स्तरीय बैठक को भी संबोधित किया। इस दौरे के दौरान एमआरएम कार्यालय का उद्घाटन और कार्यकर्ताओं को संबोधित करना भी उनके एजेंडे का हिस्सा था।
‘एक हिन्द’ के नारे से गूंजा कोलकाता
कार्यक्रम के अंत में डॉ. अख्त़र ने उपस्थित कार्यकर्ताओं से ‘एक हिन्द, जय हिन्द’, ‘हम कौन—हिन्दुस्तानी’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगवाए। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की है, जहां सभी धर्मों का सम्मान है। कार्यक्रम में इमदादुल इस्लाम, विधान चंद्र कर, अहमद शम्स तबरेज़, अब्दुल हक़ सहित एमआरएम के सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे।
— भारत एक्सप्रेस
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