दिल्ली के बिहार निवास में बिहार के राज्यपाल की उच्च-स्तरीय बैठक: शिक्षा सुधार और राष्ट्र-निर्माण की दिशा तय
बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने बिहार निवास में शिक्षाविदों एवं सामाजिक विचारकों के प्रतिनिधिमंडल की मेज़बानी की, डॉ. इन्द्रेश कुमार, प्रो. शाहिद अख़्तर और कर्नल ताहिर मुस्तफ़ा के साथ हुई एक अहम बैठक, शिक्षा व्यवस्था और देश के कई ज्वलंत मुद्दों पर हुई चर्चा। बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत की शैक्षिक संरचना को सुदृढ़ करना, प्रमुख राष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान करना और राष्ट्र-निर्माण की सामूहिक दिशा तय करना था।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एएमयू, जामिया मिल्लिया और मानू(MANUU) के कुलपतियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर शैक्षणिक उत्कृष्टता और ‘विकसित भारत’ विज़न को दी नई दिशा
अल्पसंख्यक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा क़दम: प्रो. शाहिद अख्त़र (NCMEI के कार्यवाहक अध्यक्ष एवं AMU कार्यकारी परिषद में राष्ट्रपति के नामांकित सदस्य) ने कुलपतियों के साथ विचार-विमर्श में लिया भाग। मंत्री, तीनों विश्विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने इन संस्थानों को भारत के समावेशी विकास के सशक्त और प्रभावी स्तंभों के रूप में और मजबूत किये जाने का रास्ता तय किया। साथ ही शैक्षणिक उत्कृष्टता और सामाजिक सद्भाव के केन्द्र में विकसित भारत का रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
क्लासरूम के बाहर: कैसे देवबंद सम्मेलन में अल्पसंख्यक संस्थाएं गढ़ रही हैं भारत का भविष्य
देवबंद के इस्लामिया डिग्री कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन 'विकसित भारत @2047' ने अल्पसंख्यक संस्थानों की भूमिका को नए सिरे से परिभाषित किया है. डॉ. इंद्रेश कुमार और एनसीएमईआई के प्रो. शाहिद अख्तर जैसे दिग्गजों ने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक संस्थान केवल संस्कृति के संरक्षक नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के गतिशील इंजन हैं
ग्रामीण शिक्षा में नई सुबह: सहारनपुर गांव में जे.एच.आई. इंग्लिश एकेडमी का उद्घाटन
Uttar Pradesh News: आरएसएस नेता व मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक डॉ. इंद्रेश कुमार ने एकेडमी का उद्घाटन किया. शिक्षाविदों व समाज के नुमाइंदों की मौजूदगी में उन्होंने तालीम को चरित्र, इंसाफ़ और राष्ट्रीय तरक्की का एक ज़रिया बताया.
भविष्य का निर्माण: अल्पसंख्यक संस्थाएं कैसे रच रही हैं विकसित भारत@2047 की इबारत
उत्तर प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों की विकसित भारत @2047 में केंद्रीय भूमिका पर जोर दिया गया. मंत्री और विशेषज्ञों ने इन संस्थानों को ना केवल शिक्षा का केंद्र, बल्कि सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बताया.
राष्ट्र निर्माता के रूप में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान: एनसीएमईआई सम्मेलन ने “विकसित भारत @ 2047” का मार्ग प्रशस्त किया
लखनऊ में 28 जनवरी को होने वाला एनसीएमईआई सम्मेलन अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की भूमिका को विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय विज़न से जोड़ने की दिशा में एक निर्णायक पहल है.





