Bharat Express DD Free Dish

NCMEI

एनसीएमईआई के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. शाहिद अख्तर ने दी संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त करने की सलाह, मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने रोजगार और शिक्षा को प्राथमिकता बताई है.

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक डॉ. इन्द्रेश कुमार की अध्यक्षता में हुए सम्मान समारोह में प्रो. शाहिद अख़्तर ने नौजवानों को किया सम्मानित, होनहार छात्रों को कहा— 'आप ही भारत का कल हैं, विकसित भारत 2047 की ज़िम्मेदारी आपके कंधों पर'

अल्पसंख्यक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा क़दम: प्रो. शाहिद अख्त़र (NCMEI के कार्यवाहक अध्यक्ष एवं AMU कार्यकारी परिषद में राष्ट्रपति के नामांकित सदस्य) ने कुलपतियों के साथ विचार-विमर्श में लिया भाग। मंत्री, तीनों विश्विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने इन संस्थानों को भारत के समावेशी विकास के सशक्त और प्रभावी स्तंभों के रूप में और मजबूत किये जाने का रास्ता तय किया। साथ ही शैक्षणिक उत्कृष्टता और सामाजिक सद्भाव के केन्द्र में विकसित भारत का रोडमैप तैयार किया जा रहा है।

नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान आयोग (NCMEI) मुख्यालय में उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी और एनसीएमईआई के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) शाहिद अख्तर के बीच एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई.

प्रो. (डॉ.) शाहिद अख्तर, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था आयोग (NCMEI) के कार्यकारी अध्यक्ष, झारखंड के रांची से हैं. उन्होंने शिक्षा, तहज़ीब और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया है.

लखनऊ में 28 जनवरी को होने वाला एनसीएमईआई सम्मेलन अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की भूमिका को विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय विज़न से जोड़ने की दिशा में एक निर्णायक पहल है.

नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान आयोग (NCMEI) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. शाहिद अख़्तर के बीच आयोजित उच्च-स्तरीय बैठक में देश भर के अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों के सशक्तिकरण, समावेशन और समग्र विकास पर चर्चा हुई.

एनसीएमईआई ने विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें प्रो. शाहिद अख्तर, डॉ. मजीद अहमद तालिकोटे और कर्नल ताहिर मुस्तफा ने अल्पसंख्यक शैक्षणिक अधिकारों, शिक्षा के माध्यम से सामाजिक समरसता और शैक्षिक समानता के महत्व पर प्रकाश डाला.

एक राष्ट्रीय संगोष्ठी में "एक वतन, एक क़ौम- हिन्दुस्तान" के नारों के तहत शिक्षा, नैतिक चरित्र और समावेशी सहभागिता पर जोर दिया गया.

हैदराबाद में शुक्रवार को हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों और तेलंगाना सरकार के बीच सहयोग के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त किया गया.