प्रियंका गांधी व अखिलेश यादव
Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर सरगर्मी बढ़ी हुई है. केंद्र में बीजेपी नीत एनडीए को कुर्सी से हटाने के लिए 26 राजनीतिक दल एकजुट हुए हैं और ‘इंडिया’ अलायंस (I.N.D.I.A. Alliance) नाम का गठबंधन अस्तित्व में आया है. इस गठबंधन में कांग्रेस के अलावा टीएमसी, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, एनसीपी, जेडीयू, आरजेडी जैसी पार्टियां हैं, जो बीजेपी को आगामी लोकसभा चुनावों में हराने के इरादे से एकजुट हुई हैं. लोकसभा चुनावों के लिहाज से एनडीए और ‘इंडिया’ अलायंस… दोनों के लिए उत्तर प्रदेश बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां सबसे ज्यादा 80 सीटें हैं.
विपक्षी दलों के गठबंधन की बात करें तो अभी तक सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर बात नहीं हुई है. ‘इंडिया’ अलायंस में शामिल समाजवादी पार्टी कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाली है. कम से कम अभी की स्थिति में ऐसे ही संकेत हैं. लेकिन अब कांग्रेस को लेकर जो चर्चाएं शुरू हो गई हैं, उससे समाजवादी पार्टी की टेंशन बढ़ सकती है. पिछले चुनाव में कांग्रेस को केवल एक सीट रायबरेली पर जीत मिली थी. इस बार सोनिया गांधी अगर यहां से चुनाव नहीं लड़ती हैं तो प्रियंका गांधी को पार्टी चुनाव मैदान में रायबरेली से उतार सकती है. वहीं ऐसी भी सुगबुगाहट है कि कांग्रेस पार्टी आगामी लोकसभा चुनावों में यूपी की सीटों पर अपनी दावेदारी पेश कर सकती है.
इस वक्त कांग्रेस के पास रायबरेली सीट है जहां से सोनिया गांधी चुनाव जीतती रही हैं. हालांकि पिछले कुछ समय से ऐसी खबरें आती रही हैं कि अस्वस्थ होने के कारण सोनिया गांधी शायद चुनाव न लड़ें. रायबरेली ऐसी सीट है जो गांधी परिवार का गढ़ रही है और यहां पर अन्य प्रत्याशी सोनिया गांधी को चुनौती भी पेश नहीं कर पाते. अब कांग्रेस पार्टी की नजरें रायबरेली के साथ-साथ उन सीटों पर हैं जहां पिछले चुनाव में कांग्रेस नंबर 2 और नंबर तीन पर रही थी. अमेठी, फतेहपुर सीकरी और कानपुर लोकसभा सीट पर कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही थी. इन सीटों पर राहुल गांधी, राज बब्बर और श्रीप्रकाश जायसवाल दूसरे नंबर पर रहे थे.
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कांग्रेस की नजरें लखनऊ, उन्नाव, वाराणसी, धौरहरा, अकबरपुर, सहारनपुर, संतकबीरनगर, कुशीनगर, गाजियाबाद, बाराबंकी, हमीरपुर पर हैं जहां पार्टी तीसरे स्थान पर रही थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले चुनाव में इन सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों को एक लाख से अधिक वोट मिले थे.
इसके अलावा, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, रामपुर और खीरी में भी कांग्रेस को एक लाख से ज्यादा वोट मिले थे. ऐसे में पार्टी इन सीटों पर भी अपनी दावेदारी पेश कर सकती है. अगर कांग्रेस ने इंडिया अलायंस की बैठक में यूपी की 20 सीटों पर अपनी दावेदारी पेश कर दी तो निश्चित तौर पर समाजवादी पार्टी की टेंशन बढ़ सकती है. यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में समाजवादी पार्टी ने 111 सीटों पर जीत दर्ज की थी और वह इस वक्त यूपी में मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है. ऐसे में रायबरेली-अमेठी के अलावा अन्य सीटों पर सपा कांग्रेस के दावे का समर्थन करेगी, राजनीतिक विश्लेषकों को इसकी गुंजाइश कम ही लगती है.
-भारत एक्सप्रेस
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