पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते सीएम योगी आदित्यनाथ
UP News: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ के योजना भवन प्रांगण में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा की 104वीं जयंती के अवसर पर आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान वह बहुगुणा की प्रतिमा पर पहुंचे और उनको श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर सीएम ने उनको याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश की आजादी के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई. इसके लिए उनको उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में हमेशा याद रखा जाएगा.
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा की 104वीं जयंती पर योजना भवन पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, “आज प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा जी की 104 वीं पावन जयंती है. इस अवसर पर मैं प्रदेशवासियों की ओर से स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.”
सीएम ने आगे कहा कि, “हम सब जानते हैं कि 25 अप्रैल 1919 को पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा जी का जन्म आज के उत्तराखंड राज्य के पौड़ी जनपद के गांव में हुआ था. प्रारम्भिक शिक्षा गांव में ही अर्जित करने के बाद अपनी सेकेंड्री और सीनियर सेकेंड्री के साथ-साथ उच्च शिक्षा के लिए उनको प्रयागराज आना पड़ा था. उच्च शिक्षा के दौरान ही उन्होंने देश की आजादी में सक्रिय भागीदारी निभाई.”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि, “1942 में स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा जी ने भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान और उसके उपरांत भी देश की आजादी के लिए विभिन्न आंदोलनों में बढ़-चढ़ कर भाग लिया. प्रयागराज और उत्तर प्रदेश के विकास के लिए उनका विजन बहुत स्पष्ट था. आज के इस अवसर पर एक बार फिर से आज उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा जी को प्रदेश सरकार और प्रदेशवासियों की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.”
सूत्रों के मुताबिक, पौढ़ी में जन्मे उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा का जन्म पौढ़ी गढ़वाल के गांव बुधाणी में 25 अप्रैल 1919 को हुआ था. उनकी प्रारंभिक शिक्षा गढ़वाल व उसके आगे की पढ़ाई डीएवी कालेज देहरादून से हुई. तो वहीं बीए की परीक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 1946 में उत्तीर्ण की. कहा जाता है कि प्रयागराज को वह अपना घर मानते थे. इसीलिए वह हमेशा के लिए यहीं के हो के रह गए. प्रयागराज के मंझनपुर से 1957, सिराथू से 1962 और बारा से 1967 और 1974 में विधायक बने.
उनका राजनीतिक जीवन 1942 से शुरू हो गया था. पढ़ाई करने के दौरान ही वह जेल भी गए. वह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य और सेक्रेट्री जनरल रहे थे. 1971 में हेमवती नंदन बहुगुणा पहली बार सांसद बने. इसके बाद 8 नवंबर 1973 को वह यूपी के मुख्यमंत्री बने. उनका जन्म जरूर गढवाल में हुआ, लेकिन वह प्रयागराज को ही अपना घर मानते थे और इसीलिए राजनीतिक जीवन भी उन्होंने यहीं से शुरू किया. यहां तक कि वह अंतिम संस्कार प्रयागराज में ही कराना चाहते थे. बताया जाता है कि 1984 में संसदीय चुनाव में अमिताभ बच्चन से हारने के बाद काफी आहत हुए थे. उसके बाद से सक्रिय राजनीति उन्होंने छोड़ दी थी और राज्यसभा में जाने का प्रस्ताव भी ठुकरा दिया था.
-भारत एक्सप्रेस
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