Maharastra Political Twist: महाराष्ट्र की सियासत में शह और मात का खेल एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. विधानसभा चुनावों के बाद भी जमीनी स्तर पर पार्टियों को तोड़ने और अपना कुनबा बढ़ाने की होड़ थमी नहीं है. ताजा मामला कल्याण-डोंबिवली क्षेत्र से सामने आया है, जहां उद्धव ठाकरे गुट (उबाठा) और राज ठाकरे की पार्टी मनसे (MNS) को एक बहुत बड़ा और करारा झटका लगा है. शिवसेना ने विपक्ष के इस मजबूत गढ़ में बड़ी सेंधमारी करते हुए सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अपने पाले में कर लिया है.
बुधवार को डोंबिवली के प्रसिद्ध पिंपलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान कल्याण लोकसभा सीट से सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे की मौजूदगी में उद्धव गुट और मनसे के सैकड़ों नेताओं ने ‘शिवसेना’ का दामन थाम लिया.
शिवसेना के इस मेगा जॉइनिंग कार्यक्रम में विपक्ष के कई ऐसे चेहरे शामिल हुए हैं जिनकी जमीन पर मजबूत पकड़ मानी जाती है. पाला बदलने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल हैं. उद्धव गुट के उबाठा के उपजिला प्रमुख योगेंद्र भोईर सहित पूर्व नगरसेवक शैलेश धात्रक और मनीषा धात्रक ने शिवसेना की सदस्यता ली. साथ ही श्रीकर चौधरी, प्रमिला चौधरी और मनसे के कई सक्रिय विंग के पदाधिकारियों ने भी भगवा झंडा थाम लिया. केडीएमसी (KDMC) की सेवानिवृत्त सहायक आयुक्त हेमा मुंबरकर तथा प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सतीश मुंबरकर ने भी अधिकृत रूप से शिवसेना में प्रवेश किया.
इस मौके पर नए कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने उद्धव और मनसे नेतृत्व पर तीखा तंज कसा. उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व में महायुति सरकार जो चहुंमुखी विकास कार्य कर रही है, यह जनाधार उसी का नतीजा है. लोग अब खोखले वादों को छोड़कर काम करने वाली सरकार के साथ आ रहे हैं. कल्याण लोकसभा क्षेत्र में जनता का बढ़ता विश्वास इस बात का प्रमाण है.
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इस राजनीतिक हलचल के बीच सांसद श्रीकांत शिंदे ने पिंपलेश्वर महादेव मंदिर में विशेष ‘संकल्पपूर्ति रुद्राभिषेक’ और पूजा-अर्चना भी की. उन्होंने क्षेत्रवासियों को एक बड़ी सौगात की जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर के विस्तार के लिए राज्य सरकार द्वारा 4 एकड़ 25 गुंठे भूमि मंजूर कर दी गई है. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं का बरसों पुराना संघर्ष अब रंग लाया है. इस ऐतिहासिक फैसले के लिए उन्होंने महायुति सरकार का आभार व्यक्त किया और कहा कि क्षेत्र के सभी प्राचीन शिव मंदिरों का जीर्णोद्धार उनकी प्राथमिकता है.
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