TMC Laapata Ladies Poster: पश्चिम बंगाल की सियासत में ‘खेला’ थमने का नाम नहीं ले रहा है. विधानसभा चुनाव में करारी हार और पार्टी के भीतर मची भीषण बगावत से तृणमूल कांग्रेस (TMC) पहले ही जूझ रही है. ऐसे में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने टीएमसी के ‘जख्मों पर नमक’ छिड़कते हुए एक बेहद तीखा सियासी तंज कसा है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर ‘लापता लेडीज’ के नाम से एक विवादित पोस्टर शेयर किया है, जिसने बंगाल की राजनीति में एक नई और गरमागरम बहस छेड़ दी है.
‘नाऊ यू सी मी, नाऊ यू डॉन्ट’ ( TMC missing women leaders)
प्रदीप भंडारी ने हिट बॉलीवुड फिल्म ‘लापता लेडीज’ के टाइटल का इस्तेमाल करते हुए इस पोस्टर को शेयर किया है. पोस्टर में टीएमसी की चार सबसे प्रमुख और आक्रामक महिला नेताओं महुआ मोइत्रा (लोकसभा सांसद), सायोनी घोष (लोकसभा सांसद), मेनका गुरुस्वामी (राज्यसभा सांसद) और सागरिका घोष (राज्यसभा सांसद) की तस्वीरें लगाई गई हैं और उनके चेहरे पर ‘MISSING’ (लापता) लिखा हुआ है.
भंडारी ने कैप्शन में लिखा- “नाऊ यू सी मी, नाऊ यू डॉन्ट!” (यानी, अभी दिख रही थीं, अब नजर नहीं आ रहीं). बीजेपी का सीधा आरोप है कि जब टीएमसी और ममता बनर्जी सबसे बुरे दौर और अंदरूनी संकट से गुजर रही हैं, तब हमेशा उनके समर्थन में दहाड़ने वाली ये ‘फायरब्रांड’ महिला नेता अचानक सार्वजनिक मंचों से गायब क्यों हो गई हैं?
महुआ, सायोनी और मेनका का वो ‘आक्रामक’ अंदाज (Pradeep Bhandari Post On TMC women leaders)
BJP का यह निशाना इसलिए भी सटीक माना जा रहा है क्योंकि महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष अपने तीखे बयानों और संसद के अंदर-बाहर आक्रामक शैली के लिए जानी जाती हैं. सायोनी घोष चुनाव में स्टार प्रचारक थीं और तीन भाषाओं (बंगाली, हिंदी, अंग्रेजी) में बेबाक बोलती थीं.
वहीं मेनका गुरुस्वामी वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका तब चर्चा में आई थीं जब कलकत्ता हाईकोर्ट में एक सुनवाई के दौरान ईडी के वकील को फटकारते हुए ममता बनर्जी का सम्मान करने की बात कही थी (बाद में वह भारत की पहली खुलकर क्वीयर पहचान रखने वाली सांसद बनीं). आज जब पार्टी टूट रही है, तो इन सभी की चुप्पी पर बीजेपी सवाल उठा रही है.
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TMC में बगावत और गहराता संकट (TMC Politics Crisis)
इस ‘लापता लेडीज’ पोस्टर पर फिलहाल टीएमसी की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन पार्टी के लिए मुश्किलें सिर्फ पोस्टर तक सीमित नहीं हैं. जानकारी के मुताबिक, कोलकाता के मेयर और वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इतना ही नहीं, 80 में से 58 टीएमसी विधायकों के एक समूह ने औपचारिक रूप से ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा दल का नया नेता बनाने का समर्थन कर दिया है, जो ममता बनर्जी के नेतृत्व के खिलाफ एक खुली बगावत है. इस बगावत के बीच महिला नेताओं की ‘चुप्पी’ ने बीजेपी को हमला करने का पूरा मौका दे दिया है.
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