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Makar Sankranti 2023: मकर सक्रांति के अवसर पर काशी के घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, संगम और गंगासागर में लाखों ने लगाई आस्था की डुबकी

Makar Sankranti 2023: मकर संक्रांति के अवसर पर आज शनिवार को सुबह से ही देश के कई प्रसिद्ध घाटों पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. वाराणसी के घाटों से लेकर प्रयागराज के संगम और पश्चिम बंगाल के गंगा सागर में लाखों लोगों ने गंगा स्नान और पूजा अर्चना की.

काशी और प्रयागराज के घाटों पर लगी श्रद्धालुओं की भीड़

आज के दिन पवित्र स्नान के लिए काशी के घाटों पर रात से ही लोग जुटने लगे थे. सुबह होते ही श्रद्धालुओं ने पवित्र काशी नगरी के दशाश्‍वमेध घाट, अस्सीघाट, शीतला घाट, पंचगंगा घाट,  खिड़किया घाट, ब्रह्माघाट और राजघाट में स्नान के बाद पूजा पाठ करने के साथ ही दान भी किया.

वहीं प्रयागराज में संगम तट पर भी लाखों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई और पूजा पाठ किया. आज के दिन यहां कल्पवास कर रहे लोगो भी सुबह से ही स्नान करने के बाद भक्ति में लीन देखे गए.  वाराणसी और प्रयागराज में भीड़ के मद्देनजर काफी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली.

गंगासागर में लाखो लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी

पश्चिम बंगाल में माघ मास में लगने वाले प्रसिद्ध गंगासागर मेले में गंगा जी में स्थानीय लोगों के अलावा नागा साधुओं और देश भर से पहुंचे तीर्थयात्रियों ने स्नान किया. श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यहां पर भी सुरक्षा व्यवस्था काफी चाक चौबंद दिखी.

हालांकि, इस साल मकर संक्रांति के पर्व की तारीख को लेकर के बीच भ्रम जरूर रहा. कुछ लोग जहां 14 जनवरी को भी मकर संक्रांति का पर्व मना रहे हैं. वहीं कुछ लोगों के अनुसार यह पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा.

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पंजाब के स्वर्ण मंदिर पर श्रद्धालुओं ने अरदास की और स्नान किया

मकर संक्रांति के अवसर पंजाब के घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई. पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंदिर में माघी पर्व पर लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते देखे गए. मकर संक्रांति के मौके पर श्रद्धालुओं ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में अरदास की और स्नान किया.

ज्योतिष के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सूर्य का परिवर्तन होता है और यह धनु राशि से निकलकर मकर राशि में चले जाते हैं. मकर संक्रांति के दिन से शुभ कामों की शुरुआत होने लगती है. इस दिन पूजा पाठ से लेकर स्नान और दान का विधान है. इसके अलावा इस दिन घरों में गुड़ और तिल के लड्डू बनाये और खाये जाते हैं. वहीं इस दिन पतंग भी उड़ाये जाते हैं.

Rohit Rai

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