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‘काशी को बदनाम कर रही कांग्रेस और…’, मणिकर्णिका घाट विवाद पर क्या बोल गए योगी?

Manikarnika Ghat controversy: काशी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे विकास कार्य और उससे जुड़े विवाद के बीच शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) काशी पहुंचे. लेकिन वह मणिकर्णिका घाट पर नहीं गए. उन्होंने सर्किट हाउस से ही प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने 2014 के बाद से काशी में हुए बदलावों पर बोलते हुए अपनी सरकार की प्रसंशा की. तो वहीं इससे पूर्व की सरकारों को जमकर कोसा. उन्होंने कहा कि मणिकर्णिका घाट पर बुलडोजर कार्रवाई को ले​कर विपक्षी दल भ्रामक प्रचार फैला रहे हैं.

काशी में हुए अभूतपूर्व बदलाव

वारासणी के सर्किट हाउस में प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए योगी ने कहा कि आज काशी विश्वनाथ धाम में 50 हजार श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं. यानी ये सभी कुछ ये बदलाव काशी के अंदर देखने को मिले हैं, काशी में नए-नए अस्पताल खुले हैं. आज काशी में नौजवानों के लिए रोजगार के नए-नए अवसर हैं. आज काशी को एक नई वैश्विक पहचान मिली है. पीएम मोदी ने हमेशा इस बारे में बात की है कि काशी की प्राचीन विरासत को संरक्षित करते हुए, इसे देश और दुनिया के सामने एक नए रूप में भी प्रस्तुत किया जाना चाहिए.

 

55,000 करोड़ से अधिक की परियोजनायें हुईं स्वीकृत

काशी के विकास पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 10-11 सालों में ही काशी में अधिकतर योजनाएं शुरू हुईं हैं. इसके अंतर्गत 55,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं काशी के लिए स्वीकृत हुईं, जिनमें से 36 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं लोकार्पित हो चुकी हैं और शेष योजनाएं प्रगतिशील तेजी के साथ आगे बढ़ रही हैं.

यह भी पढ़ें:देश को मिली पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन की सौगात, पीएम मोदी ने मालदा दौरे से दिखाई हरी झंडी

इसके अलावा उन्होंने बताया कि 2014 से पहले या काशी विश्वनाथ धाम बनने से पहले यहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या 5 हजार से लेकर केवल 25 हजार तक पहुंचती थी. आज उसी काशी में 1.25 लाख से 1.50 लाख श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचते हैं. वहीं अकेले काशी ने देश की GDP में 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान किया है.

मणिकर्णिका घाट विवाद पर क्या बोले योगी? (CM Yogi on Manikarnika Ghat) 

मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए कहा कि कुछ लोग है जो काशी को बदनाम करते हैं. मुझे याद है, जब काशी विश्वनाथ का काम शुरू हुआ था तो उसके खिलाफ साजिश की थी. आज भी वही लोग काशी को बदनाम कर रहे हैं और टूटी हुई मूर्तियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाल कर भ्रम फैला रहे हैं और भ्रम फैला रहे हैं कि मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं. इससे ज्यादा सफेद झूठ कुछ हो ही नहीं सकता.

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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